लखनऊ। केजीएमयू में कमीशनबाजी बंद नहीं हो रही है। कुछ दिनों पहले नेत्र रोग विभाग में जांच के बाद इसकी पुष्टि भी हुई थी। अब आॅर्थोपैडिक विभाग में भी कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां डॉक्टर ही मरीजों को जांच के लिए निजी केंद्रों का रास्ता दिखा रहे हैं। यहां भर्ती मरीजों की टूडी ईको जांच के लिए तीमारदारों को निजी केंद्र के संचालकों का मोबाइल नंबर थमाने के आरोप लगे हैं।
गोसाईंगंज के विकास झा (35) सड़क हादसे में जख्मी हो गए थे। आॅर्थोपैडिक विभाग में उनका इलाज रहा है। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे मरीज को ऑपरेशन से पहले लारी से टूडी ईको समेत अन्य जांच कराने के लिए भेजा गया था। परचे पर लारी से जांच कराने की बात लिखी गई, मगर इसके साथ ही डॉक्टर ने जल्द जांच कराने के लिए चौक के बड़े निजी डायग्नोस्टिक सेंटर का नाम बताकर फोन नंबर भी थमा दिया।
परिजन ने जब निजी केंद्र के नंबर पर बात की तो 3,200 रुपये की जांच दो हजार रुपये में करने की बात कही गई, मगर परिजनों ने इन्कार कर दिया। वहीं, इस चक्कर में लारी में भी जांच नहीं हो सकी। प्रवक्ता डॉ. केके सिंह के मुताबिक, मामले की जांच कराई जाएगी। आरोप सही मिले तो संबंधित डॉक्टर पर कार्रवाई होगी।