| दवाई- उपयोग |
दवाई- उपयोग |
| susten gel- अनियमित माहवारी |
sustane-gel- आई ड्रॉप |
| amitone-न्यूरोपैथिक पेन |
m2tone- महिलाओं में हॉर्मोन संतुलन |
| omen-बीपी |
omez-गैस |
| teribicip-फंगल इंफेक्शन |
tramacip-भीषण दर्द |
| trifer- आयरन और फॉलिक एसिड |
triexer-डायबिटीज |
| ticafo-ब्लड थिनर |
tadaflo- नपुंसकता और पल्मोनरी हाइपरटेंशन |
| teleact- हाई बीपी |
tadact- नसों में खून के बहाव से जुड़ी समस्याओं में |
| metolor-हाइपरटेंशन |
meltor-सूजन कम करने के लिए |
एक्सपर्ट की राय : शंका होने पर दोबारा करें जांच
केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह के अनुसार अगर मरीज को किसी दवा पर जरा भी शंका होती है तो बिना हिचक किसी फार्मासिस्ट या फिर डॉक्टर से उसके बारे में दोबारा जानकारी लेनी चाहिए। ऐसा करके दवा से होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है। कोशिश करें कि भरोसे वाली दुकान से ही दवा खरीदें। यह भी पता लगाएं कि वहां पर दवा फार्मासिस्ट ही देते हैं या नहीं।
डॉक्टर कैपिटल लेटर में ही लिखें दवाएं
सीएमओ डॉ. एमके अग्रवाल का कहना है कि सरकार की ओर से स्पष्ट निर्देश है कि डॉक्टरों को पर्चे पर दवाओं के नाम कैपिटल लेटर में लिखने होंगे। इसका आदेश भेजा जा चुका है। सभी डॉक्टरों को इसका पालन करना चाहिए।
फार्मासिस्ट के बगैर नहीं होनी चाहिए दवा की बिक्री
सहायक मंडलायुक्त एफएसडीए ब्रजेश यादव का कहना है कि स्टोर पर बगैर फार्मासिस्ट के दवाओं की बिक्री नहीं होनी चाहिए। फार्मासिस्ट के बगैर दवाएं बेचने वाले मेडिकल स्टोर के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। इसके लिए बराबर निरीक्षण किया जाता है।