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डॉक्टरों ने पसलियां काट सीने से निकाला ट्यूमर!

Sat, 22 Nov 2014 02:06 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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मो. मीसम जब पांच साल का था तो उसके सीने के बायीं तरफ छोटी सी गिलटी उभर आई। जैसे-जैसे मीसम की उम्र बढ़ी गिलटी भी बढ़ने लगी।
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आठ साल की उम्र होने तक ये गिलटी ट्यूमर में बदल गई और बायीं कांख के नीचे तक बढ़ गई। मीसम को इससे दिक्कत होने लगी।

इसके बाद परिवारीजन उसे लेकर केजीएमयू पहुंचे। जहां कई विभागों की ओर से मना कर देने के बाद आखिरकार पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के डॉ. जेडी रावत और उनकी टीम ने मीसम को ट्यूमर से निजात दिला दी।

जल्दी ही उसे केजीएमयू से डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।
मीसम की सर्जरी करने वाले पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. जेडी रावत ने बताया कि मीसम का ट्यूमर बायीं तरफ सीने के ऊपर बढ़ रहा था।

उसमें तीन पसलियां भी भी चिपकी हुई थीं और ट्यूमर दिल की तरफ बढ़ रहा था। जब मीसम पहली बार उनके पास आया तो जांच के बाद दिल के ऊपर का ट्यूमर होने और गंभीरता को देखते हुए सीटीवीएस विभाग में रेफर कर दिया।
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ढाई घंटे तक चली सर्जरी

वहां लगभग 15 दिन तक जांच कराने के बाद उसे जनरल सर्जरी विभाग में सलाह के बाद भेजा गया।
जनरल सर्जरी विभाग के थोरेसिक सर्जन डॉ. सुरेश कुमार ने बाल रोग सर्जन डॉ. जेडी रावत से इस मामले में सलाह मांगी।

बच्चे को कई महीने से भटकते देखकर उन्होंने मीसम की सर्जरी करने की तैयारी शुरू कर दी। जांच कराने के बाद 10 दिन पहले 12 नवंबर को उसकी सर्जरी पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग में की गई।

डॉ. जेडी रावत ने बताया कि ढाई घंटे तक चली सर्जरी के दौरान मीसम के ट्यूमर को निकाल दिया गया। ट्यूमर के साथ उसकी तीन पसलियों को भी काटकर निकालना पड़ा।

अब वो स्वस्थ है और तेजी से स्वास्थ्य लाभ ले रहा है। उनके साथ सर्जन डॉ. सुरेश कुमार, एनेस्थेटिस्ट डॉ. सरिता सिंह, सीनियर रेजीडेंट डॉ. पीयूष भी इस सर्जरी में शामिल थे।

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