लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान में डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए निकाला गया विज्ञापन आरक्षण संबंधी शिकायतों के बाद रद्द कर दिया गया। आरक्षण रोस्टर में गड़बड़ी की शिकायत भाजपा सांसद कौशल किशोर ने मुख्यमंत्री से की थी। इसके साथ कई स्तर से विज्ञापन पर सवाल उठाया जा रहा था।
संस्थान में 17 जनवरी 20 को 36 विभागों में 94 पदों पर डॉक्टरों की भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला था। शासन डॉक्टर और कर्मचारियों के खाली पद भरने के निर्देश दे चुका है। राज्यपाल कार्यालय भी कई बार इससे संबंधित सूचनाएं मांग चुका है। हालांकि, आरक्षण संबंधी रोस्टर का पालन न होने से यह विज्ञापन रद्द करना पड़ा है। इससे पहले संस्थान प्रशासन ने कर्मचारियों की भर्ती का विज्ञापन निरस्त किया था। तब 20 हजार आवेदन आए थे। इनकी फीस वापसी पर अभी तक फैसला नहीं हो पाया है। संस्थान के निदेशक डॉ. एके सिंह ने कहा कि नियमों के तहत नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया चालू की जाएगी। वहीं, लोहिया संस्थान में सरकार के खाली पद भरने के अभियान को तगड़ा झटका लग रहा है। इससे मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना होगा। साथ ही मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के मानकों को पूरा करने में अड़चन आ सकती है। सरकारी संस्थानों में डॉक्टरों की कमी चल रही है।