लखनऊ में केजीएमयू के दंत संकाय में थ्रीडी प्रिंटेड जबड़ा लगाकर सिर्फ एक सर्जरी से किशोरी का चेहरा सुधार दिया गया है। सर्जरी से पहले उसका मुंह पूरा नहीं खुलता था, अब समस्या दूर हो गई है। पहले इस तरह की समस्या होने पर तीन से चार बार सर्जरी करनी पड़ती थी, लेकिन अब एक ही सर्जरी से जबड़े को दुरुस्त किया जा सकेगा।
केजीएमयू में थ्रीडी प्रिंटेड जबड़ा लगाकर पहली बार सर्जरी की गई। कानपुर के रामादेवी निवासी युवती का जबड़ा नहीं खुल रहा था। उसका चेहरा भी असामान्य लगने लगा था। परिवारीजन करीब आठ साल पहले किसी संस्थान में सर्जरी कराई थी। इसके बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
माहभर पहले घरवाले युवती को लेकर केजीएमयू के दंत संकाय आए। यहां डॉ. दिव्या मेहरोत्रा ने एक्स-रे कराया तो पता चला कि जबड़े की हड्डी छोटी है। फिर थ्रीडी प्रिंटेड तकनीक से सर्जरी प्लान की गई। कंप्यूटर पर डिजाइन बनाने के बाद उसकी टाइटेनियम मेडल का थ्रीडी प्रिंट लिया गया। फिर सर्जरी करके उसे हूबहू फिट कर दिया गया। अब उसका पूरा मुंह खुलने लगा है। उसका चेहरा भी सामान्य हो गया है।