धरती के भगवान की इंसानियत के दम तोड़ दिया। एचआईवी पीड़ित प्रसूता अस्पताल में तड़पती रही, लेकिन चिकित्सक ने हाथ नहीं लगाया। परिजनों की शिकायत पर सीएमओ ने हस्तक्षेप किया। फिर भी कोई चिकित्सक इलाज करने को तैयार नहीं हुआ। आखिरकार प्रसूता को कानपुर डफरिन अस्पताल रेफर कर दिया। इस पर एंबुलेंस की तलाश शुरू हुई। करीब दो घंटे तड़पने के बाद प्रसूता कानपुर के लिए रवाना हो सकी।
देवमई पीएचसी के क्षेत्र निवासी एचआईवी पीड़ित प्रसूता परिजनों के साथ शुक्रवार रात करीब दो बजे जिला महिला अस्पताल पहुंची। शनिवार सुबह प्रसव पीड़ा तेज हो गई। ड्यूटी पर तैनात डॉ. रानीबाला ने जांच व अल्ट्रासाउंड कराने को कहा। जांच रिपोर्ट आने के बाद चिकित्सक ने बताया कि आपरेशन करना पडेगा।
इस दौरान पीड़िता के पति ने प्रसूता के एचाईवी पीड़ित होने की जानकारी दी। यह सुनते ही डाक्टर ने प्रसूता को कहीं और ले जाने की सलाह दी और तत्काल चैंबर से बाहर निकल आईं। प्रसूता के पति ने चिकित्सक के इलाज से मना करने की जानकारी अपने रिश्तेदारों को दी।