सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीज पानी को तरस रहे हैं तो अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी गंदा पानी पीने को मजबूर हैं।
पानी की जांच के लिए पहुंची टीम ने ग्यारह अलग-अलग स्थानों से पानी का सैंपल एकत्र किया। जांच के बाद आठ नमूने फेल हो गए।
इसके बाद सभी स्थानों पर पानी में क्लोरिन मिलाने के साथ टंकी को साफ कराने का आदेश जारी किया गया है।
डॉक्टर मरीजों को साफ पानी पीने के लिए कह रहे हैं और खुद गंदा पानी पी रहे हैं।
बलरामपुर अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारियों के आवास में आपूर्ति होने वाले पानी की जांच में इसका खुलासा हुआ है।
सीएमओ, जल संस्थान और नगर निगम की टीम ने बलरामपुर अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के आवास से पीने के पानी का सैंपल लिया।
इसके अलावा ठाकुरगंज टीबी अस्पताल, ट्रॉमा सेंटर कैंटीन, एरा मेडिकल कॉलेज, हुसैनाबाद चौराहे, राधा ग्राम जोनल पंपिंग स्टेशन, बालागंज शनिदेव मंदिर से दो नमूने लिए गए जो क्लोरिन की मात्रा कम होने के चलते फेल हो गए।
सीएमओ कार्यालय में तैनात स्वास्थ्य निरीक्षक एके सक्सेना ने बताया कि जिन भी स्थानों के सैंपल फेल हुए हैं।
उसकी रिपोर्ट संबंधित विभागों के साथ प्रशासनिक अधिकारियों को दे दी गई है।
सीएमओ डॉ. एसएनएस यादव ने बताया कि जिन भी स्थानों के सैंपल फेल हुए हैं वहां पर पानी में क्लोरिन मिलाने के लिए कहा गया है जिससे संक्रमण फैलने से रोका जा सके।
इसके अलावा जल संस्थान को टंकियों की सफाई के लिए कहा गया तो नगर निगम को क्षेत्र में साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए हैं।