स्टेशनों की संख्या 26, दूरी 173 किलोमीटर और इस मंजिल को मात्र 35 रुपये में तय करने के लिए डीएमयू का निर्धारित समय 5:45 घंटे।
रेलवे ने जब 26 नवंबर को इस ट्रेन को शुरू किया था तो कुछ ऐसे ही दावे किए गए थे। पहले ही दिन ट्रेन चार घंटे देरी से लखनऊ पहुंची।
यह लेटलतीफी का यह सिलसिला बरकरार है। हालत यह है कि साढ़े पांच घंटे के सफर में ट्रेन 10 घंटे लेट चल रही है।
रेलवे ने आठ बोगियों वाली डीजल मल्टीपल यूनिट (डीएमयू) 74201/02 की समय सारिणी दैनिक यात्रियों और आम यात्रियों की सुविधा के हिसाब से निर्धारित की थी।
ट्रेन 74201 डीएमयू का प्रतापगढ़ से सुबह 5:00 बजे चलकर लखनऊ पहुंचने का समय सुबह 10:45 बजे निर्धारित है। जबकि ट्रेन 74202 डीएमयू को लखनऊ से शाम 4:25 बजे रवाना होकर रात 9:25 बजे प्रतापगढ़ पहुंचने का समय निर्धारित किया गया है।
जबकि सुबह 10:45 बजे लखनऊ आने वाली डीएमयू रात आठ बजे के बाद पहुंच रही है, जबकि लखनऊ से डीएमयू रात 12 बजे के बाद ही प्रतापगढ़ की ओर रवाना हो पा रही है।
इससे अब डीएमयू के यात्रियों की संख्या में 70 फीसदी की कमी आ गई है। पहले ही दिन जहां इस ट्रेन के 690 टिकट बिके थे, अब उसकी संख्या सिमटकर 170 के करीब पहुंच गई है।
जाम में फंस रही डीएमयू
डीएमयू का संचालन पटरी पर लाने के लिए रेलवे के पास उसे एक दिन के लिए निरस्त करने के अलावा कोई विकल्प नहीं सूझ रहा है।
उतरेटिया से प्रतापगढ़ के बीच एकल लाइन होने से यह ट्रेन मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों की क्रॉसिंग में फंस रही है। रोज दो से तीन घंटे का विलंब केवल क्रॉसिंग से हो रहा है।