लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन (एलएमआरसी) से जुड़ी तमाम कवायदें बुधवार को कामयाब साबित हुईं।
लखनऊ मेट्रो सेल के चेयरमैन राजीव अग्रवाल ने पॉवरप्वाइंट प्रेजेंटेशन के जरिए स्पेशल पर्पज व्हीकल के गठन का प्रस्ताव आज हाईपावर
कमेटी की मीटिंग में रखा।
इस बैठक में डीएमआरसी ने एसपीवी को लेकर जो
204 नियमों का संविधान बनाया है, उसको भी हरी झंडी दिखा दी गई।
स्पेशल
पर्पज व्हीकल (एसपीवी) लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन (एलएमआरसी) के लिए 204
नियमों का एक संविधान बनाया गया है।
इस मीटिंग में यह भी तय हुआ कि एलएमआरसी में लखनऊ के डीएम और नगर आयुक्त भी सदस्य के तौर पर शामिल होंगे। इतना ही नहीं, चक गजरिया क्षेत्र की 150 एकड़ जमीन भी एलएमआरसी के हवाले कर दी गई है।
इस मीटिंग में एक बड़ा फैसला मेट्रो के नाम को लेकर भी हुआ। इसमें मेट्रो का नाम बदलने के प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा गया कि लखनऊ के लोग अब एलएमआरसी से जुड़ चुके हैं, इसलिए नाम जस का तस ही रहेगा।
विकीपीडिया पर जानिए मेट्रो की प्रोग्रेस रिपोर्ट
गौरतलब है कि संविधान
के मुताबिक एलएमआरसी न केवल लखनऊ बल्कि उत्तर प्रदेश भर के लिए रैपिड
ट्रांसपोर्ट सिस्टम का निर्माण और संचालन करने वाली एक एजेंसी होगी। इसमें
एक चेयरमैन होगा निदेशकों का एक मंडल भी होगा।
इनमें प्रमुख सचिव
आवास, प्रमुख सचिव वित्त, सचिव आवास और एलडीए उपाध्यक्ष होंगे। यह स्थाई
निदेशक होंगे। जबकि इनके अतिरिक्त 10 अन्य निदेशक भी बोर्ड में शामिल किए
जाएंगे। एक वार्षिक आम सभा के अलावा समय समय पर बोर्ड मीटिंग होंगी।