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Lucknow News: दागी कर्मियों की डीएल एजेंसियों ने कर ली भर्ती, अब हो रहीं एफआईआर

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दागी कर्मियों की डीएल एजेंसियों ने कर ली भर्ती, अब हो रहीं एफआईआर
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-सिल्वर टच एजेंसी का मामला
-परिवहन मंत्री तक पहुंची शिकायत, एजेंसी से होगी पूछताछ

लखनऊ। ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वाली निजी एजेंसियों की मनमानी व लापरवाही आवेदकों पर भारी पड़ रही है। कर्मचारी खुलेआम वसूली कर रहे हैं। उनके खिलाफ एफआईआर हो रही हैं। लेकिन एजेंसी चुप्पी साधे है। हद तो यह है कि एफआईआर के बाद भी कर्मचारी ड्यूटी कर रहा है। फिलहाल मामला परिवहन मंत्री तक पहुंच चुका है, जिसके बाद एजेंसी से पूछताछ की उम्मीद जताई जा रही है।
मामला सिल्वर टच एजेंसी का है। परिवहन विभाग में डीएल बनाने की जिम्मेदारी तीन एजेंसियों सिल्वर टच, फोकाम व रोजमार्टा एजेंसियों के पास है। इसमें सिल्वर टच के पास पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले हैं। सिल्वर टच की ओर से संभल एआरटीओ में प्राइवेटकर्मी अंकित चाैधरी की भर्ती की गई। पिछले हफ्ते अंकित चाैधरी के खिलाफ एक डीएल आवेदक ने पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई है। संभल एआरटीओ के अधिकारियों ने बताया कि संभल में डीएल पर आवेदक से 800 रुपये अतिरिक्त वसूलने के मामले में मियां सराय निवासी आदिल ने एफआईआर दर्ज कराई है। एआरटीओ में तैनात प्राइवेट कम्प्यूटर ऑपरेटर अंकित चाैधरी सहित बाबू विजय गुप्ता, दिनेश चाैधरी पर मुकदमा कराया गया है।
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वसूली में जुटे एजेंसी प्रतिनिधि, नहीं ले रहे एक्शन
सूत्र बताते हैं कि सिल्वर टच एजेंसी के प्रमुख दुष्यंत सिंह सहित श्याम मोहन अग्निहोत्री व प्रेम प्रकाश सिंह की संलिप्तता भी सामने आ रही है। दरअसल, कर्मियों से भर्ती के नाम पर तीन से चार लाख रुपये वसूले गए हैं। कुल 75 कर्मियों की भर्ती की जानी थी, लेकिन वसूली के लिए 125 कर्मियों की भर्ती कर ली गई। इसके बाद छंटनी कर 25 को हटा दिया गया। ऐसे में दागी कर्मियों पर एक्शन लेने से एजेंसी प्रतिनिधि कतरा रहे हैं।
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पहले भी दर्ज हो चुकी हैं एफआईआर
परिवहन विभाग से जुड़े सूत्र बताते हैं कि अंकित चाैधरी दागी कर्मचारी है। बावजूद इसके सिल्वर टच की ओर से उसे भर्ती कर लिया गया। उस पर दो एफआईआर पहले से दर्ज हैं। इसमें एक वाहन चोरी, पंजीकरण व दूसरी धमकाने के आरोप में है। इस बाबत अंकित चाैधरी ने कहाकि उस पर लगे सारे आरोप बेबुनियाद हैं। एआरटीओ में तैनात कुछ लोग उसे बाहर निकलवाना चाहते हैं। 
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