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दीपावली: घर पर इस मुहूर्त में करें पूजा, कार्यालय में यह समय होगा शुभ; जानिए इस बार कब होगी गोवर्धन पूजा

Mon, 20 Oct 2025 10:16 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

Diwali 2025: दिवाली का त्योहार आज मनाया जा रहा है। कार्यालय और दुकानों के साथ घर के लिए पूजा का समय तय हो गया है। 
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दिवाली के पूजन के लिए सही मुहूर्त - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिवाली का त्योहार आज मनाया जा रहा है। शुभ मुहूर्त में घरों-मंदिरों और प्रतिष्ठानों में भगवान गणेश और देवी लक्ष्मी की पूजा विधि-विधान से की जाएगी। अमावस्या तिथि का प्रारंभ 20 अक्तूबर को दिन में 03:44 बजे से होगा और समापन 21 अक्तूबर को शाम 05:54 बजे होगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, दीपावली के दिन प्रातः काल स्नान करके भगवान विष्णु के निमित्त दीपक प्रज्ज्वलित करें। दोपहर में पितरों के निर्मित यथाशक्ति दान दें और तर्पण करें। दीपावली की शाम शुभ लग्न में गणेश, लक्ष्मी और कुबेर भगवान का पूजन करें। महानिशिथ काल में महाकाली की पूजा करनी चाहिए।

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अलग-अलग पूजन के लिए शुभ मुहूर्त

कुंभ लग्न- दोपहर 02:23 से 03:52 बजे (ऑफिस / व्यावसायिक स्थल में पूजा के लिए)

प्रदोषकाल- शाम 05ः46 से 08:18 बजे तक दीपावली घर में पूजा के लिए

वृषभ लग्न- शाम 07:08 से 09:03 बजे तक

महानिशिथ काल- रात 11ः26 से 12ः16 बजे तक (काली पूजा हेतु)

सिंह लग्न- देर रात 01:26 से 03:41 बजे तक (साधना और सिद्धि हेतु)

22 को गोवर्धन पूजा, अर्पित करें अन्नकूट का भोग

ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल के अनुसार, कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को गोवर्धन की पूजा की जाती है। इस वर्ष गोवर्धन यह पर्व 22 अक्तूबर को है। इसमें भगवान कृष्ण, गाय और बैलों का पूजन करते हैं। भगवान श्री कृष्ण के निमित्त दीपक जलाकर अन्नकूट का भोग अर्पित किया जाता है। शाम को राजा बली और भगवान विष्णु का पूजन किया जाता है। गोवर्धन पूजा का मुहूर्त प्रातः काल 6:10 बजे से 8:26 बजे तक और दोपहर को 3 :15 बजे से शाम 5:31 बजे तक श्रेष्ठ है।
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भाईदूज व चित्रगुप्त पूजन 23 को, जानिए शुभ मुहूर्त

भाईदूज 23 अक्तूबर को।
भाईदूज का पर्व कार्तिक मास में शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। इस साल भाई दूज का त्योहार 23 अक्तूबर को मनाया जाएगा। द्वितीया तिथि का प्रारंभ 22 अक्तूबर को रात 08:16 बजे से होगा और समापन 23 को रात 10:46 बजे होगा। रक्षाबंधन की तरह यह त्योहार भी भाई-बहन के लिए बेहद खास होता है। इस दिन यमुना नदी में डुबकी लगाने की परंपरा है। कायस्थ समाज के लोग यम द्वितीया के दिन अपने कुल प्रमुख चित्रगुप्त जी का पूजन करते हैं। भाई दूज पर टीका का शुभ मुहूर्त दोपहर 1:13 बजे से 3:28 बजे तक है।
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