अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री जिलों के नियमित भ्रमण में आम लोगों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को पूरा समय और महत्व देते हैं। लोगों की स्थानीय आकांक्षाएं समझते हैं और उससे जुड़ी घोषणा कर उस पर अमल सुनिश्चित करा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने पिछले 22 महीनों में 800 से अधिक जो घोषणाएं की हैं, उनमें इसी तरह की जनाकांक्षाओं की झलक मिलती है। आज प्रदेश भर में मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में आम लोगों की मांग से जुड़े स्कूल, अस्पताल, इंटर व डिग्री कॉलेज, आईटीआई, नलकूप, बिजली उपकेंद्र, योग वेलनेस सेंटर बन रहे हैं, पर्यटन क्षेत्रों का विकास हो रहा है।
इससे लोग मुख्यमंत्री की घोषणा और उसकी पूर्ति में अपनी भागीदारी महसूस कर रहे हैं। मुख्यमंत्री घोषणाओं पर अमल की खुद मॉनिटरिंग भी कर रहे हैं।
अधिकारी ने बताया कि पिछली कुछ सरकारों में तत्कालीन मुख्यमंत्री इस तरह जिलों का नियमित भ्रमण नहीं करते थे। इससे आए दिन लखनऊ में डटे रहने वाले चुनिंदा प्रभावशाली जनप्रतिनिधि अपने इलाके में परियोजनाएं मंजूर करा ले जाते थे।
सामान्य व पहली बार वाले जनप्रतिनिधि एक-दो प्रोजेक्ट के लिए चक्कर काटते रहते थे। मुख्यमंत्री योगी ने जिलों में नियमित भ्रमण कर इस खास चलन को खत्म कर दिया है। मुख्यमंत्री की घोषणाओं में स्थानीय आवश्यकताओं को महत्व दिया गया है, आम या खास क्षेत्र को नहीं।
नवीन राजकीय नलकूप--207
योग वेलनेस सेंटर--84
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र--82
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र--04
अग्निशमन केंद्र--68
राजकीय इंटर कॉलेज--50
राजकीय डिग्री कॉलेज--42
ट्रांसमिशन सब स्टेशन--51
डिस्ट्रीब्यूशन सब स्टेशन--19
आईटीआई--36
नए पुलिस थाने--36
नवीन पुलिस चौकी--13
मंडी समितियों का आधुनिकीकरण--27
लघु सेतु--27
बड़े सेतु--02
छोटे बांध--02
राजकीय पॉलीटेक्निक--22
मिनी स्टेडियम--17
परिवहन बस अड्डे--13
पशु चिकित्सालय--14
पर्यटन स्थलों का विकास--28
ग्रामीण पेयजल--03
राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय--07
राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय--09
श्मशान घाटों का निर्माण--09
स्टेडियम का निर्माण--03
मिनी स्टेडियम का निर्माण--17
छात्रावासों का निर्माण--03
आश्रम पद्धति विद्यालय की स्थापना--01
वन विहार का विकास--04