सपा का शीर्ष नेतृत्व गुटबाजी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के मूड में है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि शनिवार को एक साथ 11 जिला अध्यक्षों के खिलाफ कार्रवाई करके इसका संकेत दिया जा चुका है। संबंधित जिलों के अलावा अन्य जिलों के भी कई वरिष्ठ नेता निशाने पर हैं। इनके बारे में संबंधित जिले के जिला पंचायत अध्यक्ष पद के उम्मीदवार लगातार शिकायत कर रहे हैं।
कई जिलों से पूर्व विधायक और विधायक के खुद गुटबाजी को हवा देने की भी शिकायत मिली है। रविवार को भी पार्टी कार्यालय में इस मसले पर मंथन होता रहा। प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने खुद करीब 20 जिलों के वरिष्ठ नेताओं को फोन कर सदस्यों को लामबंद करने और पार्टी की ओर से घोषित उम्मीदवार को जिताने की अपील की।
पर्चा दाखिल कराने में नाकामयाब रहे 11 जिला अध्यक्षों के हटाए जाने के बाद सोशल मीडिया पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। फेसबुक और ट्विटर पर सपा के कार्यकर्ता संबंधित जिलाध्यक्ष के समर्थन में उतर गए हैं।
मुरादाबाद जिला अध्यक्ष जय वीर सिंह यादव के समर्थन पर बाकायदे अभियान चल रहा है। इसी तरह भदोही के जिलाध्यक्ष विकास यादव के समर्थकों ने भी लिखा है कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद के प्रत्याशी की गलती की सजा किसी और को नहीं मिलनी चाहिए। ऐसी ही स्थिति अन्य जिलों की भी है।