सीएम ने सभी जिलों के डीएम को निर्देश दिए कि वह लोग 72 घंटे में संबंधित किसान के बैंक खाते में उसका भुगतान सुनिश्चित कराएं। उन्होंने कहा कि यह कार्य जिलाधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि किसी भी जनपद या मण्डल में अगर कोई भी अधिकारी इसमें ढिलाई बरतता है अथवा लापरवाही करता है तो उसके खिलाफ प्रभावी कार्यवाही की जाएगी।
खाद्य आयुक्त मनीष चौहान ने कहा कि जिलों में तैनात विभाग के अधिकारियों को भी धान खरीद को लेकर दिए गए निर्देश पर पूरी गंभीरता से कार्रवाई करनी होगी। गौरतलब है कि प्रदेश में धान खरीद का लक्ष्य 55 लाख मीट्रिक टन रखा गया है। खरीद पूर्वी और पश्चिमी जिलों में अलग अलग तिथियों में की जा रही है।