राजस्व वसूली में जिला प्रशासन के हस्तक्षेप को लेकर वाणिज्य कर अफसरों और कलक्टरों के बीच ठन गई है।
विभागीय अफसरों ने इसे बेजा करार देते हुए वाणिज्य कर आयुक्त से इस पर रोक लगाने की मांग की है।
उत्तर प्रदेश वाणिज्य कर सेवा संघ ने कहा है कि इससे वसूली प्रभावित हो रही है।
संघ का कहना है कि राजस्व वसूली लक्ष्य की प्राप्ति को लेकर मंडलायुक्त और जिलाधिकारियों के बढ़ते गैरवाजिब हस्तक्षेप से विभाग में रोष व्याप्त है।
जिलाधिकारी वाणिज्य कर विभाग के कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी, जनगणना, वीआईपी ड्यूटी, पल्स पोलियो, दवा छिड़काव, परीक्षा ड्यूटी, बाढ़ राहत कार्य, मेला ड्यूटी में लगा देते हैं।
इसके चलते वसूली प्रभावित हो रही है। फिर भी जिलाधिकारी वाजिब कारण सुनने को तैयार नहीं होते हैं। मॉनिटरिंग व समीक्षा बैठक में शासन के निर्देशों की सीमा तक लांघ जाते हैं।
संघ के महासचिव मनोज त्रिपाठी ने पत्र में कहा है कि समीक्षा बैठक में अमानवीय व्यवहार किया जाता है। विशेष अनुसंधान शाखा जांच के संबंध में अनुमति दिए जाने में आनाकानी की जाती है।