महासभा के संस्थापक सदस्य पूर्व आईपीएस अधिकारी एसआर दारापुरी का आरोप है कि दलितों पर फर्जी मुकदमे लिखे जा रहे हैं। फिर महासभा के संविधान में इस तरह के सम्मान देने देने का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने दावा किया कि विरोध सिर्फ अकेले वह या हरिश्चंद्र ही नहीं बल्कि कई संस्थापक सदस्य कर रहे हैं।
डॉ. लालजी निर्मल का कहना है कि वह समाज की भलाई के लिए हर सरकार को अपना मानते हैं। दलितों के नाम पर सियासत करने वालों को आपत्ति हो रही है। डॉ. आंबेडकर और दलितों के लिए मोदी और योगी सरकार ने जो किया उससे वह दलितों के मित्र ही हैं। योगी ने डॉ. आंबेडकर का हर स्थान पर चित्र लगाकर उन्हें सम्मान दिया है।