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इलाज के लिए पैसे न होने पर मरीज चौथी मंजिल से कूदा!

Mon, 28 Jul 2014 02:20 AM IST
हेमंत पांडेय/अमर उजाला, लखनऊ
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इलाज के लिए पैसों का इंतजाम नहीं होने से हताश मरीज ने रविवार तड़के ठाकुरगंज क्षेत्र स्थित ऐरा मेडिकल कॉलेज की चौथी मंजिल से छलांग लगा दी।
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टीनशेड से टकराकर गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। बाजार खाला के मेंहदीगंज कच्चा हाता निवासी राजेश चौरसिया (28) की दोनों किडनी खराब हो चुकी है।

किडनी ट्रांसप्लांट के लिए उसे 15 लाख रुपये की जरूरत थी, लेकिन जांच और डायलिसिस के लिए ही उसकी जमापूंजी समाप्त हो चुकी थी।

रमजान में मुफ्त इलाज की आस में वह चार दिन पहले ही ऐरा अस्पताल में भर्ती हुआ था। लेकिन परिवार की हालत देख उसकी हिम्मत टूट गई और उसने जान देने का मन बना लिया था।

युवक को उसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बताया कि तड़के करीब चार बजे राजेश अस्पताल के चौथे तल पर पहुंचा।

वहां से खुदकुशी के इरादे से छलांग लगा दी, लेकिन टीनशेड से टकराते हुए गिरने से उसकी जान बच गई। हालांकि उसके दोनों पैर टूट गए और सिर में गंभीर चोट भी आई है।
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अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचना देने के साथ राजेश का इलाज शुरू किया।

राजेश की मां जमुना देवी ने बताया कि टैंपो चलाकर अपनी पत्नी व बेटे का भरण-पोषण करने वाले राजेश को साल भर पहले किडनी की बीमारी हुई। सुधार न होने पर पीजीआई ले जाया गया।

विभिन्न जांचों के बाद डॉक्टरों ने बताया कि राजेश की दोनों किडनी खराब हो चुकी है।

किडनी ट्रांसप्लांट करके उसकी जिंदगी बचाई जा सकती है। इस पर जमुना ने बेटे को अपना किडनी देने की बात कही। जमुना की भी जांच हुई।

इसके बाद डॉक्टरों ने बताया कि ट्रांसप्लांट में 15 लाख रुपये का खर्च आएगा। जांच और इलाज में 15-20 हजार रुपये खर्च कर चुकी जमुना ने 15 लाख रुपयों की व्यवस्था करने में असमर्थता जताई।
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राजेश के लिए भी इतनी रकम जुटाना संभव नहीं था। उसे लेकर घर लौट आई और विवेकानंद अस्पताल में इलाज शुरू कराया।

इसके बाद हर हफ्ते डायलिसिस में चार हजार रुपये खर्च होने लगे। जमुना ने बताया कि पैसे खत्म होने से कुछ दिनों से राजेश की डायलिसिस नहीं हो पा रही थी।

इस बीच किसी ने बताया कि रमजान के महीने में ऐरा अस्पताल में गरीबों का मुफ्त व रियायती इलाज होता है।

बेटे की जान बचाने की आस में 23 जुलाई को उसे ऐरा अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां इलाज चल रहा था, लेकिन दो दिन से राजेश काफी परेशान था।

इलाज संभव न होते देख उसने खुदकुशी की कोशिश कर डाली। ऐरा अस्पताल में भर्ती राजेश के पास रो रही उसकी मां व पत्नी ने बताया कि लाख-दो लाख रुपये जुटाना उनके वश में नहीं।

जो रकम थी वह जांच और इलाज में खर्च हो गई। पीजीआई में किडनी ट्रांसप्लांट के 15 लाख कहां से लाती।
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