कार्यक्रम की जानकारी देते पदाधिकारी।
लखनऊ। भातखंडे संस्कृति विवि के ताल-वाद्य विभाग की ओर से आधुनिक परिदृश्य में तबला वादन विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन शुक्रवार को किया गया। कुलपति प्रो. मांडवी सिंह के मार्गदर्शन एवं ताल-वाद्य विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार मिश्र और संकायाध्यक्ष प्रो. सृष्टि माथुर के संयोजन में इसका आयोजन विवि में ही किया गया।
वेबिनार में पं. रविनाथ मिश्र ने तबले की गुरु-शिष्य परंपरा, स्वतंत्र वादन और संगत के मनोवैज्ञानिक चिंतन पर विचार रखे। प्रो. नीलू शर्मा ने कथक के साथ तबले की तकनीकी संगत पर प्रकाश डाला, जबकि अंकित पारिक ने तबला वादन में नवाचार और तकनीकी उपकरणों के उपयोग को बेहतरी का प्रयोग बताया। पं. विनोद लेले ने ताल के महत्व पर चर्चा की। डॉ. मनोज कुमार मिश्र ने संस्थागत शिक्षण प्रणाली और शिक्षण में शास्त्र एवं प्रयोगात्मक पक्ष के संबंध पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पं. विजय शंकर मिश्रा ने की। उन्होंने स्वतंत्र वादन और संगत के महत्व पर चर्चा की। वेबिनार के प्रथम सत्र की अध्यक्षता पं. रविनाथ मिश्र और द्वितीय सत्र की अध्यक्षता पं. विजय शंकर मिश्रा ने की। संचालन डॉ. मनोज कुमार मिश्र ने किया। इस मौके पर अरुण भट्ट, सारंग पाण्डेय, डॉ. ज्ञान सिंह पटेल, देवानंद पाण्डेय, रहीस खान, वाहिद खान सहित पीएचडी शोधार्थी उपस्थित रहे।