लखनऊ। शिक्षा अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत चयनित बच्चों को निशुल्क प्रवेश न देने वाले विद्यालयों पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। यह निर्देश जिलाधिकारी विशाख जी ने बृहस्पतिवार को दिए। उन्होंने बीएसए और निजी स्कूल के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करते हुए आरटीई के तहत चयनित बच्चों को अभी तक प्रवेश न देने वाले विद्यालयों की समीक्षा की।
बैठक में सिटी मांटेसरी स्कूल, जयपुरिया गोमतीनगर, एलपीएस, शिमला पब्लिक स्कूल, बाल गाइड स्कूल के प्रतिनिधि मौजूद थे। समीक्षा में पाया कि शहर में अभी 12 ऐसे स्कूल हैं जिन्होंने एक भी बच्चे को प्रवेश नहीं दिया है। इन विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को अंतिम नोटिस देकर तीन दिन में प्रवेश लेने का अंतिम मौका दिया जाएगा। इसके बाद एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। जिलाधिकारी ने बीएसए को निर्देश दिया कि सभी स्कूलों को हर हाल में शनिवार तक नोटिस जारी कर दिया जाए।
राजधानी में इस बार 16 हजार से अधिक बच्चों का चयन आरटीई के तहत स्कूलों में प्रवेश के लिए हुआ है। इनमें 12,500 से अधिक बच्चों को प्रवेश मिल चुका है। ढाई हजार बच्चों के अभिभावकों ने स्कूल की दूरी का हवाला देकर खुद ही प्रवेश से किनारा कर लिया है। शेष बच्चों को प्रवेश होना बाकी है। बीएसए ने बताया कि 12 विद्यालय ऐसे हैं जिन्होंने एक भी प्रवेश नहीं लिया है ऐसे विद्यालयों पर कार्रवाई की तैयारी है।