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लखनऊ विश्वविद्यालय में डिप्लोमा कोर्स वाले नहीं लड़ सकेंगे छात्रसंघ चुनाव, नहीं माना जाएगा रेग्युलर स्टूडेंट

Mon, 27 Jul 2020 08:16 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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लखनऊ यूनिवर्सिटी - फोटो : अमर उजाला
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अब लखनऊ विश्वविद्यालय में डिप्लोमा कोर्स वाले छात्रसंघ का चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। लविवि ने डिप्लोमा पाठ्यक्रम के संबंध में एक बड़ा बदलाव कर दिया है। डिप्लोमा पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों को लाइब्रेरी और लैब की सभी सुविधाएं तो मिलेंगी पर उन्हें नियमित छात्र नहीं माना जाएगा। पिछले वर्षों में इतिहास रहा है कि नियमित पाठ्यक्रम में दाखिला न मिलने की सूरत में छात्रनेता डिप्लोमा में दाखिला ले लेते थे।

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इससे पूर्व कुलपति ने डिप्लोमा पाठ्यक्रम में सीधे दाखिले पर रोक लगाते हुए इन्हें एडऑन के रूप में संचालित किया था। इस साल एडऑन की अनिवार्यता समाप्त की गई है। पर डिप्लोमा पाठ्यक्रम के विद्यार्थी को नियमित विद्यार्थी न मानने का नियम जोड़ दिया है।

लखनऊ विवि में पिछले वर्षों में 40 से ज्यादा डिप्लोमा कोर्स थे। कई साल से छात्रसंघ चुनाव नहीं हो रहे हैं, लेकिन चुनाव की आस में काफी विद्यार्थी दाखिला लेते थे। इसे देखते हुए लविवि ने डिप्लोमा पाठ्यक्रमों को एड ऑन प्रणाली पर चलाने की व्यवस्था शुरू की।  डिप्लोमा पाठ्यक्रम में केवल लविवि के किसी नियमित पाठ्यक्रम में दाखिला लेने वाले विद्यार्थी ही दाखिला ले सकते थे।
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एडऑन की श्रेणी में डालने से ये सभी बंद हो गए थे। इस पर एडऑन की अनिवार्यता खत्म करने का निर्णय लिया गया है। इस साल से 31 डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू करने का फैसला किया गया है। अब डिप्लोमा विद्यार्थियों को रेग्युलर स्टूडेंट नहीं माना जाएगा। अभी तक उनको नियमित विद्यार्थी माना जाता है। ऐसे में वे छात्रसंघ चुनाव भी लड़ सकते थे। इस साल से डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के विद्यार्थी छात्रसंघ चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।

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इस साल हटी है छात्रसंघ चुनाव पर लगी रोक

लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव पर पिछले कई साल से स्टे लगा हुआ है। हाईकोर्ट ने इस साल यह स्टे हटा दिया। ऐसे में माना जा रहा है कि इस साल नया सत्र शुरू होने पर छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग जोर पकड़ेगी। छात्रसंघ चुनाव का फैसला अब लविवि और प्रदेश सरकार के फैसले पर निर्भर होगा।

लविवि में इस साल से नए डिप्लोमा पाठ्यक्रम का संचालन होना है। इसमें ऑनलाइन डिप्लोमा भी शामिल है। इससे पहले लविवि को यूजीसी की अनुमति भी चाहिये होती है। नैक में ए प्लस ग्रेड होने पर ऑनलाइन डिप्लोमा संचालन की मान्यता यूजीसी से लेनी की जरूरत नहीं होती है। लविवि के पास इस समय कोई ग्रेड नहीं है। इसलिए कोर्स संचालन के लिए अनुमति जरूरी है।

लविवि के प्रवक्ता डॉ. दुर्गेश श्रीवास्तव का कहना है कि डिप्लोमा के विद्यार्थियों को सभी विद्यार्थी सुविधाओं का लाभ मिलेगा। डिप्लोमा कोर्स प्रोफेशनल पाठ्यक्रम हैं। इसलिए इनके विद्यार्थी को नियमित नहीं माना जाएगा।
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