डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ ने रविवार को अपनी हड़ताल वापस लेने की सार्वजनिक घोषणा कर दी है। हालांकि यह निर्णय एक दिन पहले ही लिया जा चुका था।
लेकिन सदस्यों के भड़कने के डर से महासंघ के प्रदेश नेतृत्व ने इसकी घोषणा करने में 24 घंटे का वक्त लिया। इस दौरान सभी जिलों में इस फैसले पर सहमति बनाने के प्रयास किए गए।
बता दें 4800 रुपये ग्रेड पे, पदोन्नत वेतनमान और राजपत्रित दर्जे की मांग को लेकर डिप्लोमा इंजीनियर दो मार्च से हड़ताल पर थे।
शनिवार की शाम उप्र. डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के महासचिव सुधीर पंवार ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर हड़ताल स्थगित करने की सूचना दे दी थी।
इस पत्र में कहा गया था कि शासन की ओर से समस्याओं के शीघ्र समाधान का वादा किया है। साथ ही हड़ताल वापस लेने की अपील भी की। इसलिए हड़ताल को स्थगित करने का निर्णय लिया गया है।
पत्र में मुख्यमंत्री से निर्धारित समयसीमा के भीतर निर्णय लेने का आग्रह भी किया गया।
महासंघ के इस निर्णय के बारे में रविवार को पूरे दिन प्रदेश नेतृत्व ने मंडलीय और जिलाध्यक्षों को यह समझाने का प्रयास किया कि राज्य सरकार के सकारात्मक रुख के कारण हड़ताल वापस ली गई।
शासन ने कहा है कि निश्चित समयसीमा के भीतर 4800 रुपये ग्रेड पे देने और पदोन्नत वेतनमान की मांग को मान लिया जाएगा।
वहीं महासंघ के अध्यक्ष एसके पांडेय ने बताया कि मुख्यमंत्री, पीडब्ल्यूडी मंत्री और मुख्य सचिव से मिले ठोस आश्वासन के बाद हड़ताल खत्म की गई है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और पीडब्ल्यूडी मंत्री शिवपाल यादव की अपील से बड़ा कोई आश्वासन नहीं हो सकता।
महासंघ के सभी सदस्यों को राज्य सरकार से मिले आश्वासन पर भरोसा करना चाहिए।