तुलसीपुर (श्रावस्ती)। ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन के लिए बरात घर का निर्माण कराया गया था, लेकिन देखरेख के अभाव में कहीं बारात घर जर्जर हो गए। वहीं कहीं पर ग्रामीण इसका प्रयोग भुसैले के रूप में प्रयोग कर रहे हैं। वहीं जिम्मेदार इससे अंजान बने हुए हैं।
ग्रामीणों को विवाह व अन्य आयोजनों में सुविधा मिल सके इसके लिए पंचायत राज विभाग की ओर से ग्राम पंचायतों में बारात घर का निर्माण कराया गया था, लेकिन जिम्मेदारों की उपेक्षा के चलते क्षेत्र के ज्यादातर बारात घर बदहाल हो चुके हैं। जमुनहा तहसील क्षेत्र के ग्राम हरदत्त नगर गिरन्ट के मजरा बरगदहन पुरवा में नौ वर्ष पूर्व बना बरात घर देखरेख के अभाव में जर्जर हो चुका है। वहीं पंचायत भवन का ग्रामीण पुआल व उपले रखने के लिए प्रयोग कर रहे हैं।
इसी तरह से ग्राम ददौरा के मजरा सहादत नगर में आठ वर्ष पूर्व बारात घर बनाया गया था, लेकिन उपेक्षा के चलते भवन खंडहर में तब्दील हो गया है। दरवाजे व खिड़कियां भी गायब हो चुकी हैं। बारात घर के अंदर व बाहर झाड़ियां उग गईं हैं। वहीं इस बारे में प्रभारी बीडीओ जमुनहा व डीसी मनरेगा प्रभात कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि बरात घर के बारे में पूरी जानकारी नहीं है। मामले की जानकारी हुई है। इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।