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Budget 2025: ग्रामीण माध्यमिक विद्यालयों में डिजिटल लर्निंग व कामकाज बढ़ेगा, मिलेगी ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी

Sun, 02 Feb 2025 04:20 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

मोदी सरकार ने बजट में प्रदेश के सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी की घोषणा की है। इससे प्रदेश के हजारों विद्यालयों को लाभ मिलेगा।
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
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केंद्रीय बजट में भारत नेट परियोजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सभी सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी देने की घोषणा की है। प्रदेश के काफी माध्यमिक विद्यालयों को इसका लाभ मिलेगा। इससे विद्यालयों में डिजिटल माध्यम से पठन-पाठन व कामकाज को बढ़ावा मिलेगा। इससे न सिर्फ छात्र बल्कि शिक्षक-कर्मचारी भी प्रभावित होंगे।

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प्रदेश में 2400 से अधिक राजकीय माध्यमिक विद्यालय हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की बात तो दूर शहरी क्षेत्र में स्थित विद्यालयों में भी इंटरनेट की सुविधा न के बराबर है। ऐसे में कुछ विद्यालयों में प्रधानाचार्य की ओर से किसी मद से, तो कई जगह पर शिक्षक खुद अपनी इंटरनेट व्यवस्था से ही कामकाज निपटाते हैं। इसकी वजह से विद्यालयों में डिजिटल माध्यम से पठन-पाठन को बढ़ावा नहीं दिया जा पा रहा है। जबकि इसकी काफी जरूरत महसूस की जा रही है।

ऐसे में केंद्र सरकार की इस पहल का माध्यमिक विद्यालयों के ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को काफी लाभ मिलेगा। विभिन्न योजनाओं के तहत इस समय विद्यालयों में जहां स्मार्ट क्लास की स्थापना की कवायद चल रही है। वहीं ऑनलाइन पढ़ाई, यू-ट्यूब सेशन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही अत्याधुनिक लैब का संचालन भी हो सकेगा। विद्यालयों में इंटरनेट सुविधा होने से यहां के कामकाज को भी ऑनलाइन करने में मदद मिलेगी।
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इससे जहां फाइलों के दबाव को कम किया जा सकेगा वहीं निदेशालय, मुख्यालय को ऑनलाइन ही सूचनाएं दी जा सकेंगी। साथ ही पारदर्शी व्यवस्था को भी प्रभावी किया जा सकेगा। समग्र शिक्षा के अपर राज्य परियोजना निदेशक विष्णुकांत पांडेय ने कहा कि यह सुविधा राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। वहीं राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद पांडेय ने कहा कि वर्तमान में राजकीय विद्यालयों में संसाधनों की काफी कमी है। शिक्षक अपनी इंटरनेट सुविधा से काम कर रहे हैं। ऐसे में यह कवायद काफी उपयोगी होगी।

प्रदेश की पीएचसी व अस्पताल होंगे डिजिटलाइज
प्रदेश में 3500 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) हैं। यहां पर ब्रांडबैंड कनेक्टिविटी सुविधा होने से बायोमेट्रिक अटेंडेंस, ऑनलाइन दवाओं के रखरखाव का विवरण, टीके के संबंध में जारी होने वाले निर्देश व आंकड़े तत्काल जारी किए जा सकेंगे। वर्तमान में इंटरनेट सुविधा न होने से कर्मचारी अपने मोबाइल डाटा का प्रयोग करते हैं।

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