प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ प्लान से पहले चरण में प्रदेश की 200 ग्राम पंचायतें जुड़ेंगी। इन गांवों के स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी व अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीज इस पहल का सबसे पहले फायदा महसूस करेंगे।
गांव के युवाओं को बदलाव का एहसास कराने के लिए उन्हें मुफ्त वाई-फाई सुविधा देने की भी योजना है। राज्य सरकार ने इस प्लान को तेजी से पूरा करने की योजना पर काम शुरू किया है। रणनीति के अनुसार साल के अंत तक सभी 200 गांवों तक यह काम पूरा करने की योजना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में तकनीक को बढ़ावा देकर लोगों को बदलते भारत का एहसास कराने के लिए इस स्कीम को तेजी से लागू कराने की ओर कदम बढ़ाया है।
इसके तहत हर ग्राम पंचायत ब्रॉडबैंड से जुड़ेगी और स्कूल व अस्पताल तक वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध होगी। इस साल के अंत तक देश के जिन 50 हजार गांवों तक इस प्लान को जमीन पर उतारना है, उनमें प्रदेश के 200 गांव शामिल हैं।
ये होगा फायदा
इन चयनित गांवों तक ऑप्टिकल फाइबर बिछाने का काम शुरू हो गया है। जानकार बताते हैं कि आगे चलकर सभी ग्राम पंचायतें इस योजना से जोड़ी जाएंगी। वाई-फाई सुविधा केंद्र विकसित करने के लिए संबंधित गांवों से 50-50 वर्ग मीटर जमीन की मांग की गई है।
इसके आसपास 100 मीटर तक वाई-फाई की सुविधा मुफ्त उपलब्ध होगी। गांव के स्कूलों व अस्पतालों को 10-10 एमबीपीएस की वाई-फाई लाइन मिलेगी। वहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधाएं उपलब्ध कराकर शिक्षा व स्वास्थ्य से जुड़ी तमाम सुविधाएं दी जा सकेंगी।
यदि गांव के अस्पताल में किसी मरीज का इलाज चल रहा है और वहां के डॉक्टर जरूरी होने पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये उच्च चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञ डॉक्टरों से सलाह ले सकेंगे। इससे गांव-देहात के मरीजों के तमाम सारे खर्च बचेंगे और बड़े अस्पतालों से मरीजों का दबाव भी कम होगा।
शिक्षा के क्षेत्र में आएगा बड़ा बदलाव
स्कूलों में शिक्षकों की कमी बड़ा संकट है। विशेषज्ञ शिक्षकों की और भी कमी है। ऐसे में सरकार विषय विशेषज्ञ शिक्षकों का पूल बना सकती है।
वाई-फाई दायरे में आने वाले स्कूल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये इन विशेषज्ञ शिक्षकों से संबंधित विषय पर बच्चों की क्लास करा सकते हैं। सभी स्कूलों में यह सुविधा उपलब्ध होने पर शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव नजर आएगा।
इस पर आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स के प्रमुख सचिव जीवेश नंदन का कहना है कि प्रदेश सरकार ने डिजिटल इंडिया कार्यक्रम को प्रदेश में समयबद्ध तरीके से लागू करने का काम शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी खुद जिलों में इसकी मॉनिटरिंग करेंगे। मुख्य सचिव आलोक रंजन ने इसकी प्रगति की जानकारी के लिए 12 सितंबर को एक बैठक बुलाई है।