लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद के मुताबिक, डिजिटल और एआई तकनीक के आने से कृत्रिम दांत लगाना आसान हो गया है। वह शनिवार को केजीएमयू के कलाम सेंटर में भारतीय प्रोस्थोडॉन्टिक्स-रिस्टोरेटिव-पेरिओडॉन्टिक्स सोसायटी के 15वें सम्मेलन के शुभारंभ पर बोल रही थीं।
यह सम्मेलन केजीएमयू के प्रोस्थोडॉन्टिक्स, कंजर्वेटिव एंड एंडोडॉन्टिक्स और पीरियोडॉन्टोलॉजी विभाग की ओर से हुआ। आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रो. पूरन चंद ने कहा कि विभिन्न विभागों के बीच होने वाले शोध से बेहतर परिणाम मिलेंगे। एम्स के डॉ. विकेंद्र यादव ने इम्प्लांट्स और प्राकृतिक दांतों व मसूढ़ों के मैनेजमेंट के बारे में बताया। डॉ. रश्मि हेगड़े ने लेजर के प्रभाव के बारे में बताया। इस माैके पर डॉ. नंदलाल, डॉ. प्रोमिला वर्मा, डाॅ. बालेंद्र प्रताप सिंह उपस्थित रहे।