छेड़खानी के खिलाफ मुहिम छेड़े डीआईजी रेंज ने मंगलवार को टेम्पो-ऑटो चालक
यूनियन नेताओं, परिवहन विभाग व ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों के साथ बैठक
की।
टेम्पो-ऑटो में फूहड़ गाने बजाने की शिकायत के चलते उन्होंने इन वाहनों
से ऑडियो सिस्टम हटाने के निर्देश दिए। इसके अलावा शहर में यातायात सुगम
बनाने के किए भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
डीआईजी
रेंज नवनीत सिकेरा ने बताया कि बैठक में निर्णय किया गया कि सभी
टेम्पो-ऑटो से 31 अक्तूबर तक ऑडियो सिस्टम हटा दिए जाएंगे, जबकि चालक
यूनिफॉर्म में ही वाहन चलाएंगे।
पढ़ें- 17 सौ और बसों से सफर होगा और सुहाना
सिटी बसों में छेड़खानी व अभद्रता रोकने
के लिए बस में आगे व पीछे सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। महिलाएं व शारीरिक
रूप से अक्षम यात्री अगले दरवाजे से चढ़ेंगे और आगे से ही उतरेंगे।
बैठक
में एसपी ट्रैफिक सभाराज, परिवहन उपायुक्त गंगाफल, आरटीओ एपी सिंह व
विभिन्न यूनियनों के नेताओं ने अभियान में सहयोग का आश्वासन दिया।
पहचान पत्र बनेगा पुलिस
व परिवहन विभाग के अधिकारियों के संयुक्त हस्ताक्षर से टेम्पो-ऑटो चालकों
को पहचान पत्र जारी किया जाएगा। डीआईजी ने बताया कि 24 अक्तूबर से पुलिस
लाइन में पंजीकरण शिविर लगेगा।
आवेदकों के सत्यापन के बाद 15 नवंबर से
परिचय पत्र जारी किए जाएंगे। इनकी वैधता ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता तिथि
तक होगी।
व्यावसायिक लाइसेंस नहींशहर
में 50 फीसदी वाहन चालकों के पास व्यावसायिक ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है।
वे निजी लाइसेंस पर टेम्पो, ऑटो व टैक्सी दौड़ा रहे हैं। कोई हादसा होने पर
वाहन स्वामी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है।
ऐसे में यूनियन नेताओं ने
चालकों को व्यवसायिक लाइसेंस बनवाने में सहमति जताई। वहीं डीआईजी ने चालकों
को बैंक खाते खुलवाने का सुझाव दिया।
लखनऊ की और खबरों के लिए क्लिक करें...