पुलिस के मुताबिक, घर पर उनके बच्चे व नौकर भूतल पर थे जबकि पुष्पा प्रकाश पहली मंजिल पर स्थित कमरे में थीं। डीआईजी चंद्र प्रकाश प्रथम तल पर पहुंचे और पुष्पा के दरवाजा खटखटाया। दरवाजा भीतर से बंद था। पुष्पा की कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो उन्होंने धक्का देकर दरवाजा तोड़ दिया। भीतर दुपट्टे के फंदे से पत्नी को लटका देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
आनन-फानन में फंदा काटकर पुष्पा को लोहिया अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सुशांत गोल्फ थाना की पुलिस का कहना है कि पुष्पा ने खुदकुशी से पहले कोई सुसाइड नोट नहीं लिखा था। उन्होंने खुदकुशी क्यों की? यह बात भी स्पष्ट नहीं हो सकी है। मामले की जांच की जा रही है।
डीआईजी चंद्रप्रकाश की पत्नी के खुदकुशी करने की सूचना मिलते ही लोहिया अस्पताल और सुशांत गोल्फ सिटी स्थित घर पर आईपीएस और पीपीएस अधिकारियों का जमावड़ा लग गया। डीजी फायर सर्विस अजय, एडीजी चंद्रप्रकाश, डसीपी पूर्वी चारू निगम, डीसीपी दक्षिण रईस अख्तर, एसीपी डॉ. अर्चना सिंह समेत कई अधिकारी ने परिजनों को सांत्वना दी।
पुष्पा मूलरूप से आजमगढ़ की रहने वाली थीं। उनके एक भाई हापुड़ में एसडीएम हैं। तीनों बच्चे सुशांत गोल्फ सिटी परिसर में ही स्थित जीडी गोयनका स्कूल में पढ़ते हैं। बता दें कि डीआईजी चंद्रप्रकाश हाथरस कांड की जांच के लिए बनाई गई एसआईटी के सदस्य हैं।