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टेंडर घोटाले में निलंबित डीआईजी अरविंद सेन को फिलहाल हाईकोर्ट से राहत नहीं, ये हैं आरोप

Fri, 27 Nov 2020 10:19 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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प्रदेश के पशुपालन विभाग में करोड़ों रुपए के टेंडर घोटाले में फंसे निलंबित डीआईजी अरविंद सेन को हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ से अग्रिम जमानत मामले में गुरुवार को राहत नहीं मिली। कोर्ट ने सेन के वकील को  राज्य सरकार की तरफ से दाखिल जवाबी हलफनामे पर प्रति उतर पेश करने को तीन दिन का समय देकर अगली सुनवाई 3 दिसंबर को नियत की है।
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गिरफ्तारी से बचने के लिए निलंबित डीआईजी फरार चल रहे हैं। न्यायामूर्ति विवेक चौधरी ने यह आदेश सेन की अग्रिम जमानत अर्जी पर दिया। अभियोजन के मुताबिक़ टेंडर घोटाले का खुलासा बीते जून महीने में हुआ था। 13 जून को इंदौर के व्यापारी मंजीत सिंह भाटिया उर्फ रिंकू ने लखनऊ के थाना हजरतगंज में एफआईआर की थी।

इस मामले में 10 अभियुक्तों को नामजद किया गया था। अभियुक्तों पर कूटरचित दस्तावजों व छद्म नाम से गेहूं, आटा, शक्कर व दाल आदि की सप्लाई का ठेका दिलवाने के नाम पर 9 करोड़ 72 लाख 12 हजार रुपए की ठगी करने का आरोप है। 
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अरविंद सेन पर आरोप है कि उन्होंने सीबीसीआईडी में बतौर एसपी रहते हुए पीड़ित को डराया, धमकाया और सादे पेपर पर हस्ताक्षर करा लिए। इसके बदले कथित  ठगों ने उन्हें मोटी रकम दी। मामले की जांच हुई तो आरोप सही पाए गए। जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था। अब पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए उन्हें तलाश कर रही है।
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