सामान्य मरीजों को संक्रमित कर रहे निजी अस्पताल
हिमांशु अवस्थी
बीते माह हुई हेड इंजरी से रायबरेली निवासी 60 वर्षीय बुजुर्ग कोमा में चले गए थे। तीमारदार उन्हें इंदिरा नगर के बडे़ निजी अस्पताल में ले गए, जहां कोरोना की जांच निगेटिव आई।
पंद्रह दिन भर्ती रहने के दौरान दोबारा जांच कराने पर बुजुर्ग पॉजिटिव निकले और उनकी मौत हो गई। तीमारदारों ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाकर शिकायत दर्ज कराई थी।
अलीगंज के 62 वर्षीय बुजुर्ग किडनी रोग से पीड़ित थे। मरीज ने ठाकुरगंज रोड स्थित एक बडे़ अस्पताल से डायलिसिस कराई। दो बार डायलिसिस के बाद वे पॉजिटिव हो गए।
उन्हें कोविड अस्पताल में भेजा गया, जहां उनकी मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग की डेथ ऑडिट रिपोर्ट में सामने आया कि डायलिसिस से पहले मरीज संक्रमित नहीं था।
राजधानी में सितंबर माह में नॉन कोविड निजी अस्पतालों में भर्ती होने वाले करीब 30 प्रतिशत मरीज कोरोना पॉजिटिव हो गए। इसमें अधिकतर मरीज डायलिसिस के दौरान संक्रमित हुए हैं।
यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है स्वास्थ्य विभाग की डेथ ऑडिट रिपोर्ट में। जबकि अक्तूबर में कराई गई जांच में दस प्रतिशत लोग पॉजिटिव निकले। अब बड़ा सवाल यह है कि स्वास्थ्य विभाग के अफसर इन बड़े निजी अस्पतालाें पर मेहरबान क्यों हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अफसर कागजों पर निजी अस्पतालों में कोरोना प्रोटोकॉल का पालन किए जाने का दावा कर रहे हैं।
जबकि हकीकत यह है कि छोटे-मंझोले अस्पतालों में कोविड नियमों का सख्ती से पालन नहीं हो रहा है। तीमारदार बिना मास्क लगाए घूम रहे हैं। होल्डिंग एरिया तक गायब हो चुके हैं।
संदिग्ध लक्षण वाले मरीजों का एंटीजेन टेस्ट किया जा रहा है। पॉजिटिव आने पर उन्हें कोविड अस्पताल भेजा जा रहा है। जबकि बिना लक्षण वाले मरीजों को बिना जांच भर्ती किया जा रहा है। ऐसे में बिना लक्षण वाले मरीज संक्रमण की नई चेन बना रहे हैं।
दी गई सख्त हिदायत
सीएमओ डॉ. संजय भटनागर ने बताया कि नॉन कोविड अस्पतालों में जाकर डायलिसिस समेत अन्य बीमारी का इलाज कराने वाले कई मरीज संक्रमित हुए थे। सभी निजी अस्पतालों को कोविड प्रोटोकॉल पालन करने की सख्त हिदायत दी गई है।
ये थे भर्ती करने के नियम
- होल्डिंग एरिया होना चाहिए।
- कोविड रिपोर्ट आने के बाद ही मरीज को वार्ड में शिफ्ट किया जाना चाहिए
- अस्पताल स्टाफ को पीपीई किट पहना अनिवार्य।
- ओपीडी-इंडोर में सभी को मास्क लगाकर रहना होगा।
- सोशल डिस्टेेंसिंग का पालन समेत अन्य कोविड प्रोटोकॉल का पालन होना चाहिए।