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संवाद: गीतिका गंजूधर ने कहा- कई बार जब औरतों को ताकत मिल जाती है तो वह मर्दों की तरह बर्ताव करती हैं

Tue, 27 Feb 2024 12:05 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला सिटी रिपोर्टर, लखनऊ

सार

Amar Ujala Samvad: अमर उजाला संवाद के दूसरे सत्र में गीतिका गंजूधर और अनुराधा आचार्य लोगों से मुखातिब हुईं। इस मौके पर गीतिका ने अपने जीवन के निजी और प्रोफेशनल अनुभव साझा किए।
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Amar Ujala Samvad - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 मिनिस्ट्री ऑफ टॉक की फाउंडर  गीतिका गंजूधर ने कहा कि कई बार महिला को करियर और परिवार के बीच में एक हो चुनना होता है। यह हमें देखना होता है कि हमारी प्राथमिकता क्या है। मैंने यह तय किया जब बच्चों को उनकी मां की जरूरत ज्यादा हो तब हमें मां के रोल को तवज्जो देना चाहिए। गीतिका ने कहा कि ऐसा हमेशा नहीं होता कि ताकतवर महिला हमेशा महिला के साथ खड़ी हो। कई बार ऐसा भी होता है कि एक महिला जब ताकवर हो जाती है तो वह मर्द की तरह बिहेव नहीं कर सकतीं। 

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पैसे मैनेज कर सकती है महिला
गीतिका ने कहा कि यह एक गलत धारणा है कि महिलाएं पैसे मैनेज नहीं कर पातीं और वह दूसरों पर डिपेंड रहती हैं। महिलाएं अपनी पैसों को मैनेज कर सकती हैं। ओसीकम बायो सॉल्यूशंस की संस्थापक और सीईओ अनुराधा आचार्य ने कहा कि पैसे का प्रबंधन बड़ी बात होती है। जैसे एक महिला घर में पैसों का प्रबंधन करती है वैसे ही वह बाहर की दुनिया को भी मैनेज कर सकती है। कई सारी महिलाएं सफल बैंकर हैं। 
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संतुलन बनाना होता है अहम
दोनों ही वक्ताओं ने इस बात को प्रमुखता से कहा कि जीवन में संतुलन अहम होता है। आप चाहे घर पर हों या काम पर संतुलन ही जीवन में अहम होता है। 

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