अगर आप गर्भवती हैं तो आपको हर सप्ताह ब्लड प्रेशर की जांच करा लेनी चाहिए। विशेषज्ञों की मानें तो कुल गर्भवती महिलाओं में 30 प्रतिशत को प्रेगनेंसी के दौरान हाइपरटेंशन का खतरा बना रहा है।
इसकी वजह से जच्चा और बच्चा दोनों की जिंदगी को खतरा बन जाता है। शनिवार को साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में शुरू हुई दो दिवसीय सेमिनार बीपीकॉन-2013 में पैनल डिस्कशन के बीच गेस्टेशनल हाइपरटेंशन का मुद्दा उठा।
इसमें मुख्य वक्ता और फोर्टिस ला फेमे दिल्ली की सीनियर गाइनकोलॉजिस्ट डॉ. माला अरोरा ने बताया कि प्रेगनेंसी के छह से आठ हफ्ते के बाद महिला का ब्लड प्रेशर असामान्य तरीके से बढ़ने लगता है।
इससे हाइपरटेंशन का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसे प्री-एक्लोम्पसिया कहते हैं। यूरीन में प्रोटीन नहीं मिलने के चलते 20 हफ्ते से पहले इसे डायग्नॉस करना भी मुश्किल होता है।
केजीएमयू में प्रोफेसर डॉ. निशा सिंह ने बताया कि हमारे यहां आने वाले मरीजों में हाइपरटेंशन को लेकर स्टडी की गई। इसमें पाया कि 30 प्रतिशत तक महिलाएं हाइपरटेंशन का शिकार थीं।
यह किस वजह से हुआ, अभी तक इसको लेकर मेडिकल साइंस में कोई सही वजह पता नहीं चल सकी है। ऐसे में इसका ट्रीटमेंट करना भी खासा मुश्किल है।
ऐसे में सिर्फ हाइपरटेंशन को कंट्रोल किया जा सकता है। प्रेगनेंसी पता चलने के बाद महिला को हर सप्ताह ब्लड प्रेशर की जांच कराने की सलाह दी जाती है।
यह किस वजह से हुआ, अभी तक इसको लेकर मेडिकल साइंस में कोई सही वजह पता नहीं चल सकी है। ऐसे में इसका ट्रीटमेंट करना भी खासा मुश्किल है।