यदि किसी को डायबिटीज है तो उसे टीबी होने का खतरा अन्य मरीजों की तुलना में चार गुना ज्यादा बढ़ जाता है। यही वजह है कि टीबी का इलाज करा रहे मरीजों की डायबिटीज जांच अनिवार्य कर दी गई है। इसे पुनरीक्षित राष्ट्रीय टीबी नियंत्रण कार्यक्रम की गाइड लाइन में भी शामिल किया गया है।
टीबी के साथ डायबिटीज है तो उसे भी नियंत्रित किया जाता है। यदि इसे नजरअंदाज कर दें तो टीबी की दवाओं का असर नहीं होता। टीबी नियंत्रण कार्यक्रम जोनल टास्क फोर्स की बैठक के दूसरे दिन नॉर्थ जोन के अध्यक्ष प्रो. सूर्यकांत ने ये जानकारी दी।
केजीएमयू के ब्राउन हॉल में हुई बैठक में प्रो.सूर्यकांत ने बताया कि टीबी तीन बीमारियों के साथ हो रही है। इससे मरीज का इलाज प्रभावित हो रहा है। पहले टीबी और एचआईवी साथ-साथ होने का पता चला। एचआईवी मरीजों को टीबी होना आम बात हो गई। जब इसकी जानकारी हुई तो पहले टीबी का इलाज किया गया।