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पेट्रोल-डीज़ल को जीएसटी में शामिल करे योगी सरकार, केंद्रीय मंत्री ने दिया सुझाव

Tue, 12 Jun 2018 02:23 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान - फोटो : amar ujala
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केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी में शामिल कराने के लिए केंद्र को सिफारिश भेजने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि घरों में नेचुरल गैस का उपयोग बढ़ाने के लिए भी सरकार को वैट में राहत देनी चाहिए।

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सोमवार को लखनऊ के एक होटल में पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड की ओर से आयोजित सिटी गैस डिस्ट्रिब्यूशन (सीजीडी) के 9वें बिडिंग राउंड के उद्घाटन समारोह में धर्मेंद्र प्रधान बोल रहे थे। प्रधान ने कहा, ईरान और अमेरिका के विवाद के चलते पेट्रोल के  दाम बढ़े हैं। हालांकि 29 मई से 11 जून तक पेट्रोल में 1.85 रुपये और डीजल के दाम में 1.36 रुपये प्रति लीटर की कमी हुई है। सरकार पेट्रोल-डीजल को गरीब और मध्यवर्गीय परिवार की पहुंच से बाहर नहीं जाने देगी।

उन्होंने उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नेचुरल गैस से वैट घटाने का सुझाव दिया। भट्ठी की जगह गैस का उपयोग होने से गुणवत्ता बढ़ेगी और लागत कम होगी। सीएनजी में वैट 26 से घटाकर 14.5 प्रतिशत करने पर उन्होंने योगी सरकार का आभार जताया। घरेलू रसोई गैस पर भी टैक्स स्लैब कम करने का सुझाव दिया।
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वहीं,  केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री ने भाजपा के ग्राम स्वराज अभियान और हालिया उपचुनाव के बाद मिले फीड बैक पर केंद्र सरकार ने लोकसभा चुनाव के मद्देनजर यूपी में दलितों, आदिवासियों और अति पिछड़े वर्ग के साथ गन्ना किसानों को साधने के लिए बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा, प्रदेश के सभी अति पिछड़े, अनुसूचित जाति, जनजाति परिवारों को उज्ज्वला योजना के तहत निशुल्क रसोई गैस कनेक्शन दिया जाएगा। केंद्र ने गन्ना किसानों और चीनी मिलों को बड़ी राहत देते हुए गन्ने के रस से सीधे एथनॉल बनाने की मंजूरी दे दी है। इसके लिए सरकार चीनी मिलों को सस्ती ब्याज दर पर ऋण भी उपलब्ध कराएगी।

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'गन्ना देश की राजनीति को प्रभावित करता है'

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala
प्रधान ने कहा, यूपी में मई 2014 तक केवल 1.86 करोड़ परिवारों के पास रसोइ गैस कनेक्शन था। मोदी सरकार के चार साल के शासन में यह संख्या बढ़कर 3.16 करोड़ हो गई है। अभी तक 2011 के आर्थिक सामाजिक सर्वेक्षण के आधार पर उज्ज्वला गैस कनेक्शन दिया जा रहा था। कई परिवार अब भी इससे वंचित थे। ग्राम स्वराज अभियान में लगी चौपालों में यह बात सामने आने पर केंद्र सरकार ने अब यूपी में सभी अति दलित, अनुसूचित जाति और जनजाति परिवारों को उज्जवला योजना में कनेक्शन देने का फैसला किया है।

कैराना और नूरपुर उपचुनाव में भाजपा की हार पर धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा, यूपी का गन्ना देश की राजनीति को प्रभावित करता है। यूपी में गन्ने की पैदावार और चीनी का उत्पादन अधिक होने से चीनी के दाम में कमी आई है। दाम कम होने से उसका निर्यात भी कम हो रहा है। ऐसे में किसानों और चीनी मिलों की समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार ने मिलों को गन्ने के रस से सीधे एथनॉल बनाने की मंजूरी दी है।

एथनॉल बनाने और उसे संग्रहित करने के लिए चीनी मिलों को सरकार सस्ता ऋण भी देगी। हमने टूटे चावल और मक्का से भी एथनॉल बनाने का निर्णय किया है। यूपी में कचरे से एथनॉल बनाने के लिए सीतापुर में पहला प्लांट लगाया जा रहा है।
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