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डीजीपी ने चुनिंदा पुलिस अफसरों को ही दिया मेडल, ये रही वजह

Mon, 17 Aug 2020 01:14 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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रवि जोसेफ लक्कू, ए सतीश गणेश - फोटो : amar ujala
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कोरोना के कारण इस बार स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम फीके रहे। अधिकतर स्थानों पर केवल झंडारोहण किया गया। पुलिस मुख्यालय में डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने झंडारोहण किया जहां कोविड-19 के दिशा निर्देशों का पूरा ख्याल रखा गया। इस दौरान डीजीपी ने 8 अराजपत्रित पुलिस कर्मियों को उत्कृष्ट सेवा सम्मान चिह्न, सराहनीय सेवा सम्मान चिह्न और डीजी का प्रशंसा चिह्न दिया।
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हालांकि पूर्व में ऐसे कार्यक्रमों में डीजीपी मुख्यालय पर तैनात मेडल पाने वाले सभी पुलिस कर्मियों को डीजीपी स्वयं सम्मानित करते रहे हैं। इस बार कोरोना को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम को संक्षिप्त रखा गया।  डीजीपी ने केवल उन्हीं को पदक दिए जिनकी कोरोना रिपोर्ट हाल में निगेटिव आई थी। 

यूपी में पहली बार एक वर्ष में मिले 23 वीरता पदक

अशोक कुमार सिंह व आलोक कुमार - फोटो : amar ujala
इस मौके पर डीजीपी ने राष्ट्रपति का वीरता पदक पाने वाले पुलिस कर्मियों सहित सभी तरह के पदक पाने वाले पुलिस अधिकारियों व कर्मियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस साल लगभग तीन हजार पुलिस कर्मियों को विभिन्न प्रकार के अलंकरण एवं सम्मान दिए गए हैं। प्रदेश के इतिहास में पहली बार एक वर्ष में इतनी बड़ी संख्या में वीरता के पदक यूपी को मिले हैं।

डीजीपी ने कहा कि बीते एक वर्ष में पुलिस के सामने कई चुनौतियों आईं, जिसका मुकाबला पुलिस ने डट कर किया। इस मौके पर उन्होंने बीते एक साल में ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाने वाले पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि भी दी।

6 पुलिस अफसरों को मिला गृह मंत्री का उत्कृष्ट सेवा पदक

अरुण कु.श्रीवास्तव, राम कुमार - फोटो : amar ujala
प्रदेश के 6 पुलिस कर्मियों का गृह मंत्री का उत्कृष्ट सेवा पदक दिया गया है। इनमें पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर आलोक सिंह, डीजीपी के जीएसओ रवि जोसेफ लोक्कू, एडीजी ट्रैफिक अशोक कुमार सिंह, एडीजी पीएसी मध्य जोन रामकुमार, आईजी आगरा ए सतीश गणेश और लखनऊ में डीसीपी अरुण कुमार के नाम शामिल हैं।

एडीजी एसएन साबत को मिला मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सेवा पदक
एडीजी लखनऊ एसएन साबत को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनको हाल ही में अयोध्या में प्रधानमंत्री दौरे व शिलापूजन, अयोध्या मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिया गया है। 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी एसएन साबत वाराणसी, अयोध्या, आगरा, मुजफ्फरनगर सहित कई जिलों में एसएसपी रहे हैं। 

पहली बार यूपी को मिले वीरता के 23 पदक

एस के भगत, असीम अरुण, प्रशांत कुमार - फोटो : amar ujala
स्वतंत्रता दिवस पर पहली बार प्रदेश के 23 पुलिस अफसरों व जवानों को राष्ट्रपति का वीरता पदक दिया गया। इनमें मेरठ में एक लाख के इनामी अपराधी को मार गिराने में अहम भूमिका निभाने वाले तत्कालीन एडीजी मेरठ जोन और मौजूदा एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार भी शामिल हैं।
 
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इन्हें मिला राष्ट्रपति का वीरता पदक

अरविंद चतुर्वेदी, विजय भूषण - फोटो : amar ujala
इनके अलावा राजधानी लखनऊ में आतंकी सैफुल्लाह के एनकाउंटर में अहम भूमिका निभाने वाले एटीएस के तत्कालीन आईजी असीम अरुण और 6 अन्य लोगों को वीरता का पदक मिला। 2005 में कृष्णानंद राय हत्याकांड के मुख्य आरोपी फिरदौस को मुंबई में मार गिराने वाले एसटीएफ के तत्कालीन एसएसपी एसके भगत, एएसपी विजय भूषण और तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक व बाराबंकी के मौजूदा एसपी डॉ. अरविंद चतुर्वेदी को भी राष्ट्रपति का वीरता पदक मिला है। 
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