गोमती नदी के तटबंधों को और अधिक सुंदर बनाने के पहले चरण में हनुमान सेतु से डालीगंज पुल तक का सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
कैबिनेट ने इसके लिए एलडीए को कार्यदायी संस्था नामित किया है। 1.7 किलोमीटर लंबाई के इस तट को सुंदर बनाने के साथ ही यहां पर सार्वजनिक शौचालय भी बनाए जाएंगे।
इसके लिए जिला नगरीय विकास अभिकरण डूडा को कार्यदायी संस्था बनाया गया है।
गोमती तट विकास परियोजना (रिवर फ्रंट डवलपमेंट) का काम फरवरी के पहले सप्ताह में शुरू हो जाएगा।
शासन की वित्तीय समिति ने इस परियोजना के लिए 29 करोड़ रुपये को हरी झंडी दी थी।
अब यूपी कैबिनेट ने भी परियोजना को पास कर दिया गया है। इसके तहत 1.7 किलोमीटर तक सुंदरीकरण पहले चरण में काम डालीगंज पुल तट से हनुमान सेतु तट तक किया जाएगा।
खर्च प्राधिकरण अकेले नहीं करेगा। इसमें नगर निगम, जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा), पीडब्ल्यूडी और एलडीए खुद शामिल होगा।
मुख्य रूप से तटों के आसपास के घरों शौचालय बनाना, तट से कूड़े की उठान कराकर जमीन बराबर करना, नए सिरे से घास लगवाना और पाथवे बनाने का काम किया जाएगा।
जबकि, नदी में सफाई और ड्रेजिंग का काम सिंचाई विभाग करेगा। इसके लिए अलग से बजट मिलेगा।
पहले गोमा तटों के विकास के लिए बड़ी परियोजना लाई गई थी, जिसमें आईआईएम पुल घाट से लेकर गोमती बैराज घाट तक तटों का सुंदरीकरण किया जाना था।
इसमें सांस्कृतिक स्थल, हाट, कॉमर्शियल कांप्लेक्स, पार्क, रेस्टोरेंट, मेट्रो वाटर टैक्सी, जाइंट व्हील लखनऊ आई और ऐसे ही अन्य परिकल्पनाओं को शामिल किया गया था।
मगर इन सबको फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। जर्मन आर्किटेक्ट कंपनी अरबन एक्वा ने अपने लखनवी कंसोर्टियम के साथ यह डिजाइन किया है।
इसके लिए आईआईटी रुड़की से हाइड्रोलॉजिकल स्टडी भी कराई गई थी। कई स्तर पर प्रस्तुतिकरण के बाद आखिरकार मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने परियोजना को सूक्ष्म करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि केवल गोमती की सफाई और तटों की स्वच्छता पर ध्यान दिया जाए। फिलहाल इतना ही काफी होगा। बाकी काम आगे के चरण में करवाए जाते रहेंगे।
कूड़ा उठाने की टेंडर प्रक्रिया का आगाज
तट विकास परियोजना को लेकर एक अधिकारी ने बताया कि इस 1.7 किमी के खंड में कूड़ा उठाने के लिए पहला टेंडर कर दिया गया है।
यह प्रक्रिया 25 जनवरी तक समाप्त हो जाएगी। इसके बाद में ठेकेदार तय होगा और फिर फरवरी के पहले सप्ताह में रिवर फ्रंट डवलपमेंट के काम का आगाज कर दिया जाएगा।