मुलायम के इनकार के बावजूद समाजवादी पार्टी गठबंधन पर आगे बढ़ेगी। अखिलेश और मायावती के सकारात्मक रुख के बाद यूपी में सपा-बसपा के नजदीक आने के रास्ते खुल गए हैं। गठबंधन के मुद्दे पर अखिलेश की कई नेताओं से मुलाकात चुकी है। जदयू भी इस दिशा में सक्रिय हो गया है। कोशिश है कि 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले महागठबंधन शक्ल अख्तियार कर ले।
विधानसभा चुनाव में सपा और बसपा दोनों को करारा झटका लगा। दोनों दलों की सत्ता में आने की उम्मीदें तो धूमिल हुई हीं उन्हें सीटें बहुत कम मिली। पहली बार भाजपा को तीन चौथाई सीटें हासिल र्हुई। चुनाव से पहले सपा और कांग्रेस ने गठबंधन किया था। मुलायम सिंह यादव इस गठबंधन के खिलाफ थे।
उनकी राय की अनदेखी कर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कांग्रेस से गठबंधन किया। कांग्रेस के लिए 100 से ज्यादा सीटें छोड़ीं और राहुल गांधी के साथ प्रेस कांफ्रेंस, रोड शो व रैलियां की। हालांकि यह गठबंधन हिट नहीं हो सका। सपा को 47 और कांग्रेस 7 सीटें ही मिलीं।