उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लखनऊ स्थित अपने कैंप कार्यालय पर 'जनता दर्शन' कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों नागरिकों ने उनके समक्ष अपनी व्यक्तिगत और सार्वजनिक समस्याएं रखीं। सुनवाई के दौरान भूमि विवाद, राजस्व, चिकित्सा सहायता, पेंशन, आवास, सड़क, बिजली-पानी, शिक्षा, रोजगार और पुलिस कार्यवाही से जुड़ी शिकायतें प्रमुखता से सामने आईं। उप मुख्यमंत्री ने एक-एक नागरिक की बात को पूरी गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित, प्रभावी और समयबद्ध समाधान के स्पष्ट निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान फरियादियों को आश्वस्त करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जनहित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी पीड़ित को निराश नहीं लौटने दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शिकायतों का संपूर्ण व संतुष्टिपरक समाधान सुनिश्चित कर अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। विशेष रूप से उत्पीड़न और भूमि पर अवैध कब्जे के मामलों को अत्यंत संवेदनशीलता से हल करने और आवश्यकता पड़ने पर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।