डिप्टी सीएम ने कहा कि 15 मार्च से 25 मार्च के बीच मूल्यांकन का काम होगा। इस तरह मूल्यांकन का काम इस साल 15 दिनों के बजाय 10 दिनों में पूरा होगा। इसलिए मूल्यांकन केंद्र और कॉपी चेक करने वाले शिक्षकों की संख्या बढ़ाई जाएगी। परीक्षाफल के साथ ही तत्काल ऑनलाइन अंक तालिका उपलब्ध करा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पहले ढाई महीने में परीक्षाएं संपन्न होती थीं। स्कीम भी 10 दिन पहले ही जारी की जाती थी। अब माध्यमिक शिक्षा में सुधार के एक नए युग की शुरुआत हुई है।
डॉ. शर्मा ने बताया कि कक्षा-9 से 12 तक की कक्षाओं के पाठ्यक्रम का मासिक विभाजन करके कौन सा चैप्टर किस माह में पढ़ाया जाएगा, इसे तय कर दिया गया है। शैक्षिक सत्र में दो सौ से अधिक दिन पढ़ाई होगी। एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम के अनुसार एक निश्चित मूल्य पर किताबें बाजार में उपलब्ध होंगी। इन किताबों का मूल्य पिछले 10-15 वर्षों के न्यूनतम स्तर पर होगा। ये पुस्तकें बाजार में उपलब्ध न होने की शिकायत मिलने पर इन्हें नजदीकी राजकीय विद्यालयों में उपलब्ध कराया जाएगा।
बी कॉपी पर भी रहेगा क्रमांक
डॉ. शर्मा ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार वर्ष 2020 में पास होने वाले विद्यार्थियों का प्रमाणपत्र सह अंक पत्र हिंदी व अंग्रेजी में प्रिंट कराया जाएगा। उत्तर पुस्तिकाओं का दुरुपयोग रोकने के लिए पहली बार ए कॉपी के साथ-साथ बी कॉपी पर भी क्रमांक अंकित किया जा रहा है। सभी तरह की उत्तर पुस्तिकाओं में लाइनिंग का कलर अलग-अलग कराकर प्रिंट कराया जा रहा है।
डॉ. शर्मा ने बताया कि कक्षा 9 से 12 तक की कक्षाओं के पाठ्यक्रम का मासिक विभाजन करके कौन सा चैप्टर किस माह में पढ़ाया जाएगा, इसे तय कर दिया गया है। शैक्षिक सत्र में दो सौ से अधिक दिन पढ़ाई होगी। एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम के अनुसार, एक निश्चित मूल्य पर किताबें बाजार में उपलब्ध होंगी। इनका मूल्य पिछले 10-15 वर्षों के न्यूनतम स्तर पर होगा। ये पुस्तकें बाजार में उपलब्ध न होने की शिकायत मिलने पर इन्हें नजदीकी राजकीय विद्यालयों में उपलब्ध कराया जाएगा।