चुनावी दुंदुभी बस बजने ही वाली है। सभी पार्टियां ताकत लगा रही हैं। हालांकि उपमुख्यमंत्री और भाजपा नेता केशव प्रसाद मौर्य का दो टूक कहना है कि कोई भी पार्टी टक्कर में नहीं है। सौ में 60 हमारा है, बाकी चालीस में बंटवारा है। अखिलेश यादव का समय बीत चुका है। सपा इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाएगी। चुनावी मुद्दों, विपक्ष की चुनौतियों समेत कई मुद्दों पर सचिन मुद्गल ने केशव प्रसाद मौर्य से बात की...
सवाल: विधानसभा चुनाव में भाजपा का मुकाबला किससे है?
जवाब: सपा, बसपा और कांग्रेस खुद को मुकाबले में बताने की कोशिश करती हैं, लेकिन प्रदेश की जनता 2022 में सुशासन, महिला सुरक्षा, विकास, गरीब कल्याण, बेटियों की सुरक्षा का कमल खिलाने के लिए भाजपा को समर्थन देंगी। 2014, 2017 और 2019 से ज्यादा बड़ी जीत मिलेगी। अखिलेश यादव इन दिनों खुद को टक्कर में बताते है, लेकिन 2022 तो दूर 2027 में भी सपा की सरकार बनने की दूर-दूर तक संभावना नहीं है।
सवाल: 2017 में आपके नेतृत्व में बना रिकार्ड क्या 2022 में टूट पाएगा?
जवाब: हम इतिहास दोहराएंगे। 2017 में गठबंधन के साथ मिलकर 325 सीटें जीते थे। इस बार संभव है कि हम 350 सीट तक जीत जाएं। अकेले भाजपा को 300 से अधिक सीटें मिलेगी।
सवाल: चुनाव में किस तरह की चुनौती नजर आ रही है?
जवाब: हमारी पार्टी समाज के सबसे अंतिम व्यक्ति को अपनी प्राथमिकता में रखती है। उसकी सेवा के लिए हम सत्ता में आए हैं। गरीब व्यक्ति के जीवन में खुशहाली लाएंगे। अगड़े, पिछड़े और दलित वर्ग के लिए किए गए कार्यों का असर दिख रहा है। जनता हमारे साथ है, कार्यकर्ताओं की मेहनत है, इसलिए पार्टी हर चुनौती का सामना करते हुए रिकार्ड मतों से जीतेगी। भ्रष्टाचार और बेइमानी करने वाले सबसे ज्यादा दुखी हैं।
सवाल: क्या आपको लगता है कि सभी जातियां सरकार से संतुष्ट है?
जवाब: मैं यह नहीं कहता कि सौ प्रतिशत हमारा है, लेकिन यह अवश्य कहता हूं कि सौ में 60 हमारा है, बाकी चालीस में बंटवारा है। तीन तलाक की कुप्रथा समाप्त होने से खुश मुस्लिम महिलाओं का वोट हमें मिलेगा। नई पीढ़ी के मुस्लिम युवा का भी वोट मिलेगा। अखिलेश यादव कहते है कि यादव सपा को ही वोट देगा, लेकिन मैं बताना चाहता हूं कि यादव वोट बैंक में भी सेंध लगेगी। मायावती जाटव वोट बैंक को अपनी जागीर समझती हैं, लेकिन जाटव समाज से भी भाजपा को भारी मत मिलेगा। पीएम मोदी ने प्रयागराज कुंभ में सफाई कर्मी का पैर धोने का काम किया। काशी में श्रमिकों के साथ बैठने से अच्छा संदेश गया है।
सवाल: पिछड़े वर्ग के लोग कहते है कि भाजपा को उनका वोट चाहिए, लेकिन पिछड़े वर्ग का मुख्यमंत्री नहीं?
जवाब: पिछड़े वर्ग का व्यक्ति जब प्रधानमंत्री बन सकता है तो वह कुछ भी बन सकता है। सच यह है कि भाजपा में ही उसे मौका मिल सकता है। अखिलेश यादव बताएं कि 2012 में जब उनकी बहुमत की सरकार बनी तो नरेश उत्तम पटेल को उप मुख्यमंत्री क्यों नहीं बनाया? भाजपा ने कल्याण सिंह को मुख्यमंत्री और मुझे उप मुख्यमंत्री बनाया। सपा एक उदाहरण बता दे कि उसे पिछड़े की याद क्यों नहीं आई। उस समय जातिवाद और परिवारवाद के अलावा कुछ नहीं किया। वे लोग शुद्ध रूप से तुष्टीकरण करने वाले जिन्नावादी हैं। मुस्लिम वोट के लालच में किसी मर्यादा को लांघ सकते हैं। पिछड़ा वर्ग भाजपा के साथ था, है और साथ ही रहेगा।