प्रदेश में नई आबकारी नीति को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी गई। इसमें वर्ष 2022-23 में देशी मदिरा की दुकानों के बेसिक लाइसेंस फीस में 7.5 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। हालांकि प्रतिफल फीस में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। विदेशी मदिरा, बीयर व भांग की फुटकर बिक्री की दुकानों और माडल शॉप की लाइसेंस फीस में भी 7.5 प्रतिशत वृद्धि की गई है। फुटकर दुकानों का व्यवस्थापन ई-नवीनीकरण के जरिए किया जाएगा।
नई नीति में मादक वस्तुओं के निर्माण, परिवहन, आयात, निर्यात को लेकर पुख्ता रणनीति बनाई गई है। नीति में किसानों की आय बढ़ाने से लेकर अवैध मदिरा के निर्माण एवं बिक्री पर पूर्ण नियंत्रण के प्रावधान किए गए हैं। देशी मदिरा को तीव्रता के आधार पर दो श्रेणियों में बांटा गया है। पहला 36 फीसदी एवं दूसरा 25 फीसदी की तीव्रता रखी गई है। यूपी मेड लिकर की आपूर्ति असेप्टिक ब्रिक पैक के स्थान पर सिर्फ कांच की बोतल में की जाएगी। कांच की बोतल उपलब्ध न होने की स्थिति में असेप्टिक ब्रिक पैक के लिए अपर मुख्य सचिव आबकारी से अनुमति लेनी होगी। यूपी मेड लिकर की आपूर्ति 100 एमएल में भी की जाएगी।
अधिकतम फुटकर विक्रय मूल्यों में कमी
देशी मदिरा के अधिकतम फुटकर विक्रय मूल्यों में कमी की गई है। अब यूपी मेड लिकर 200 एमएल की शीशी का मूल्य 80 रुपया, 36 प्रतिशत तीव्रता की देशी मदिरा के 200 एमएल का मूल्य 65 और 25 फीसदी की तीव्रता की देशी मदिरा के 200 एमएल का मूल्य 50 रुपया रखा गया है। देशी मदिरा, विदेशी मदिरा, बीयर एवं भांग की फुटकर दुकानों और माडल शॉप का वर्ष 2022-23 के नवीनीकरण के आवेदन पत्रों की प्रोसेसिंग फीस भी बढ़ाई जाएगी। फुटकर बिक्री का समय सुबह 10 से रात 10 बजे तक होगा।
कैबिनेट ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इनका मानदेय 500 रुपये प्रति माह बढ़ाया जाएगा, जो अब बढ़कर 6500 रुपये प्रति माह हो जाएगा। इसके साथ ही कोविड संक्रमण के दौरान बेहतर कार्य के लिए दो हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय भी किया गया है। यह राशि दिसंबर से मार्च माह के लिए होगी।