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पंचायतों में सरकारी प्रशासक की तैनाती लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन: अखिलेश यादव

Fri, 18 Dec 2020 08:26 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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अखिलेश यादव - फोटो : अमर उजाला
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सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार लोकतंत्र की मूलभावना पर कुठाराघात करने की साजिशों में लगी है। प्रदेश में ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 25 दिसंबर को समाप्त हो रहा है जबकि जिला पंचायतों का कार्यकाल 15 जनवरी को समाप्त हो रही है। भाजपा सरकार समय पर चुनाव न कराकर इनमें सरकारी प्रशासक नियुक्त करना चाहती है। यह जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।
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अखिलेश यादव ने शुक्रवार को कहा, विपक्ष सरकारी कुनीतियों के विरोध में खड़ा है। इससे सरकार डर गई है। एक-एक कर वह संवैधानिक संस्थानों को निष्क्त्रिस्य बनाने और जनप्रतिनिधियों को अपमानित करने का काम कर रही है। जनता, भाजपा की इस जनविरोधी और संविधान विरोधी आचरण को भली प्रकार पहचान रही है। वह समय आने पर इसका करारा जबाव देगी। उन्होने कहा, भाजपा सरकार इसी तरह कोरोना का बहाना बनाकर लोकसभा का शीतकालीन सत्र टालकर किसानों व विपक्ष का सामना करने से बच रही है। संसद में बहस रोक कर भाजपा असहमति के स्वर का दमन करना चाहती है। भाजपा विपक्ष और विरोध के खिलाफ बड़ा षडयंत्र कर रही है।

उन्होंने कहा कि भाजपा का यह दोहरा चरित्र इस बात से उजागर है कि जब कोरोना के संक्रमण काल में मध्य प्रदेश में सरकार बन सकती है, बिहार में विधानसभा का चुनाव हो सकता है, पश्चिम बंगाल में भाजपा नेताओं की बड़ी-बड़ी रैलियां हो सकती हैं, मुख्यमंत्री काशी, अयोध्या में दीपोत्सव में शामिल हो सकते हैं तो फिर पंचायत चुनाव और संसद के शीतकालीन सत्र के स्थगन का क्या औचित्य है यह तो भाजपा का डर है कि वह अब चुनाव से भाग रही है और उसके लिए बहानेबाजी कर रही है।
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विशेष सत्र बुलाकर हो कृषि बिलों पर चर्चा

सपा अध्यक्ष ने कहा, भाजपा का संविधान, लोकतंत्र व संसदीय व्यवस्था पर विश्वास है तो उसे लोकसभा एवं विधान सभा का सत्र बुलाकर देश में किसान बिल, निजीकरण, बेरोजगारी, महंगाई तथा प्रदेश में गिरती कानून व्यवस्था, शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्र में अव्यवस्था, अवरुद्ध विकास, महिला सुरक्षा व किसानों के रुके हुए कामों पर तुरंत चर्चा करानी चाहिए।

अंग्रेजों से भी ज्यादा निर्दयी सरकार
देश इस समय संक्रमण के दौर में है। कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन में 24 किसान शहीद हो चुके हैं। दंभी भाजपा सरकार अंग्रेजों से भी ज्यादा निर्दयी हो चुकी है। सर्वोच्च न्यायालय ने भी किसानों के आंदोलन के अधिकार को माना है। लेकिन, भाजपा सरकार अपनी बातें किसानों पर थोपने में लगी है।

भाजपा सरकार में बिना लड़े इंसाफ मिलता है न हक
सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हाथरस कांड में चार्जशीट दाखिल होने पर भाजपा सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा राज में बिना लड़े न इंसाफ मिलता है और न ही हक।
अखिलेश यादव ने शुक्रवार को ट्वीट किया, हाथरस कांड में प्रदेश की भाजपा सरकार की लाख कोशिशों के बाद भी जनता, विपक्ष व सच्चे मीडिया के दबाव से सीबीआई जांच बैठानी ही पड़ी। अब पीड़िता के अंतिम बयान के आधार पर चारों अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई है। भाजपा सरकार से बिना लड़े कुछ भी नहीं मिलता, न इंसाफ, न हक।
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