हर हाल में संचालित हों विभागीय लाइब्रेरी
लविवि प्रशासन ने विभागों को जारी किए निर्देश
पीजी-रिसर्च वालों को भी नहीं मिल रही किताबें
लखनऊ विश्वविद्यालय में विभागीय लाइब्रेरियों में जमा धूल छंटने की उम्मीद दिखने लगी है। विवि प्रशासन ने सभी विभागों को पत्र भेजकर अपने यहां की विभागीय लाइब्रेरी को हर हाल में संचालित करने और उसके लिए एक समन्वयक तैनात करने का निर्देश दिया है। इसमें शोध छात्रों का भी सहयोग लेने को कहा है।
छात्रों ने पिछले दिनों शिकायत की है कि परास्नातक व शोधार्थियों को भी विभागीय लाइब्रेरी से किताबें नहीं मिल रही हैं। यूजी के विद्यार्थियों को पूर्व में ही सेंट्रल लाइब्रेरी भेज दिया जाता है। जबकि विभागीय लाइब्रेरी में किताबें काफी हैं और उन पर धूल जमा है। कई विभागों में तो लाइब्रेरी के लिए न तो कोई समन्वयक न ही कोई कर्मचारी तैनात हैं। इसका विश्वविद्यालय प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए इन्हें सक्रिय करने का निर्णय लिया है। प्रति कुलपति प्रो. राजकुमार सिंह ने बताया कि विभागों को यह कहा गया है कि वे अपने यहां की विभागीय लाइब्रेरी को संचालित कराएं। इसके लिए एक समन्वयक की तैनाती की जाए। अगर जरूरत हो तो इसमें शोध या जेआरएफ छात्रों की भी मदद ली जा सकती है। इससे जहां उनका भी ज्ञानवर्द्धन होगा, वहीं सेंट्रल लाइब्रेरी पर दबाव भी कम होगा। उन्होंने कहा कि सेंट्रल लाइब्रेरी में विद्यार्थियों को पर्याप्त किताबें मिल रही हैं लेकिन विभागीय लाइब्रेरी भी अपना दायित्व निभाएं।