केस 2 : हजरतगंज के राम प्रकाश को बुखार के साथ कमजोरी थी। शरीर पर लाल चकत्ते पड़ गए। सिविल की ओपीडी में डेंगू व प्लेटलेट्स की जांच कराई। डेंगू रिपोर्ट तो निगेटिव आई, लेकिन प्लेटलेट्स 50 हजार ही बची थी। टीएलसी में भी गिरावट आई थी।
राजधानी लखनऊ के सरकारी से लेकर निजी अस्पतालों में इन दिनों नॉन डेंगू वायरल सिंड्रोम के मरीज सामने आ रहे हैं। इनकी प्लेटलेट्स घटकर करीब 30 हजार तक पहुंच रही है। साथ ही लक्षण भी डेंगू के हैं, लेकिन रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। इन मरीजों की टोटल ल्यूकोसाइट काउंट (टीएलसी) भी घट रही है, जैसा डेंगू के मरीजों के साथ होता है। ऐसे मरीजों की रिपोर्ट व लक्षण देखकर डॉक्टर भी हैरान हैं। हालांकि, वे डेंगू मानकर ही इलाज कर रहे हैं।
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बलरामपुर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी के मुताबिक, डेंगू लक्षण वाले रोजाना आठ से दस मरीज भर्ती हो रहे हैं। हालांकि, इनकी डेंगू की रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। सिविल अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरपी सिंह ने बताया कि इमरजेंसी में भर्ती होने वालों में ऐसे तीन से चार मरीज मिल रहे हैं।
डॉक्टरों के मुताबिक बुखार आने पर प्लेटलेट्स की संख्या तेजी से कम होती है। बताया कि बुखार की शिकायत वाले कई मरीजों में प्लेटलेट्स काउंट 25 हजार के नीचे भी मिल रहा है। इन लोगों में संक्रमण बताने वाला मार्कर टीएलसी के स्तर में भी कमी दर्ज की जा रही है। यह 2500 से नीचे देखने को मिल रही है। यह 10 हजार से नीचे नहीं होनी चाहिए।
छह साल पहले आए थे ऐसे मामले
नॉन डेंगू वायरल सिंड्रोम के मरीज छह साल पहले मिले थे। वर्ष 2016 में फैजुल्लागंज, केशवनगर, खदरा समेत अन्य इलाकों में कई मरीजों की डेंगू की रिपोर्टर निगेटिव होने बाद भी जान चली गई थी। बलरामपुर अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल अफसर डॉ. सर्वेश सिंह ने बताया कि इस साल इमरजेंसी में ऐसे मामले ज्यादा आ रहे हैं।
33 और आए डेंगू की चपेट में
शहर में मंगलवार को डेंगू के 33 नए मरीज मिले। इंदिरानगर, अलीगंज, आलमबाग, चिनहट, चौक, डालीगंज व गोमतीनगर में डेंगू मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल ने बताया कि डेंगू प्रभावित इलाकों में एंटीलार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है। बचाव के लिए फुल आस्तीन की शर्ट पहनें। घर व आसपास जलभराव न होने दें। मच्छरदानी लगाकर सोएं।