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डेंगू से गर्भवती समेत छह की मौत, 133 पहुंचा मौतों का आंकड़ा

Wed, 28 Sep 2016 01:05 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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संगीता (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
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डेंगू ने गर्भवती समेत छह और की जान ले ली। इसी के साथ डेंगू से मरने वालों की संख्या 133 हो गई है। मरीजों व मृतकों की संख्या बढ़ती जा रही है, लेकिन सीएमओ यह मानने को तैयार नहीं कि मौत डेंगू से हो रही है। उन्होंने फिर दोहराया है कि डेंगू से एक ही मौत हुई है। आखिर इतनी मौतों की वजह क्या है, इस पर स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी शर्मनाक है। 
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डेंगू से जिन लोगों की सांसें थमी हैं, उनमें मोहनलालगंज के नवलखेड़ा गांव के सुरेश कनौजिया की पत्नी संगीता (35) शामिल है। उसे कुछ दिन पहले तेज बुखार की शिकायत हुई। निजी अस्पताल में इलाज चला पर सुधार नहीं हुआ। पांच दिन पहले उसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। 

सोमवार देर रात संगीता की हालत अचानक बिगड़ी। इस पर डॉक्टरों ने वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत बताई। अभी कुछ व्यवस्था हो पाती कि उससे पहले ही संगीता ने दम तोड़ दिया। इसी तरह फैजुल्लागंज के अवनीश पाल के बेटे राहुल (17) का भी निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। 
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उसकी हालत नहीं सुधरी और मंगलवार को उसकी भी मौत हो गई। वहीं कृष्णानगर, आलमबाग की माधुरी (26) को तेज बुखार की शिकायत थी। कुछ दिन तक निजी अस्पताल में इलाज चला लेकिन हालत नहीं सुधरी। 

फैजुल्लागंज में मरने वालों की संख्या 35

dengue
इसके बाद डॉक्टरों ने उसे क्वीन मेरी रेफर कर दिया। क्वीन मेरी में इलाज के दौरान छह महीने की गर्भवती माधुरी की मौत हो गई। इसी तरह बुद्देश्वर के जानकी (21) ने भी इलाज के दौरान निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया। अतुल मिश्रा (27)ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

मोहनलालगंज में अब तक 20 से अधिक लोग डेंगू की चपेट में आकर अपनी जान गंवा चुके हैं। वहीं सीतापुर के मिश्रिख में तैनात इंस्पेक्टर योगेश शाह के बेटे देवेश (17) की भी मंगलवार को मौत हो गई। योगेश शाह का परिवार राजाजीपुरम सेक्टर-ए में रहता है। देवेश का गोमतीनगर स्थित एक अस्पताल में इलाज चल रहा था। 

राहुल की मौत के बाद फैजुल्लागंज में डेंगू से मरने वालों की संख्या 35 हो गई है। मंगलवार को 53 नए मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई।  

डेंगू मरीजों की लगातार मौत और बढ़ती संख्या की वजह से शहर से लेकर गांव तक दहशत का माहौल है। सीएमओ डॉ. एसएनएस यादव ने बताया कि मंगलवार को सात नए मरीजों में एलाइजा जांच से डेंगू की पुष्टि हुई। 

इसके बाद एलाइजा से डेंगू पीड़ित मरीजों का आंकड़ा 397 हो गया है। डेंगू से राजधानी में अब तक सिर्फ एक मौत रिपोर्ट हुई है। डेंगू से मौत का कोई नया मामला नहीं है।
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... तो आखिर मौतों का कारण क्या

Dengue - फोटो : Amar ujala
शहर में डेंगू से अब तक 130 लोग जान गंवा चुके हैं और स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक डेंगू से पहली मौत सोमवार को दर्ज हुई। अब इससे स्वास्थ्य विभाग पर सवाल उठने लगा है कि अब तक जो 129 मौतें हुई हैं, उनका क्या कारण है। 

शहर के सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पताल फुल चल रहे हैं।  स्वास्थ्य विभाग इतनी मौतों और बढ़ते मरीजों की संख्या पर चुप्पी साधे है। एक अधिकारी कहते हैं कि मौतें बुखार से हो रही हैं तो और भी शर्मनाक हालात हैं। 

कार्रवाई से बचने को तो नहीं जारी किया नंबर
स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई करने या छापेमारी करने से बचने के लिए कंट्रोल रूम में शिकायत दर्ज कराने के लिए नंबर जारी कर दिया है। जबकि शहर के निजी अस्पतालों में डेंगू मरीजों के इलाज में जमकर मनमानी हो रही है और लगातार मरीज दम तोड़ रहे हैं। 

इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग का कोई अधिकारी निजी अस्पताल में पहुंचकर वहां की स्थिति जानने की कोशिश नहीं कर रहा है। सीएमओ डॉ. एसएनएस यादव ने बताया कि निजी अस्पताल में डेंगू या बुखार के इलाज व जांच में मनमानी पर कंट्रोल रूम के नंबर 0522-26622080 या मोबाइल नंबर 7839700132 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
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