डेंगू और दिमागी बुखार का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। प्राइवेट हों या निजी अस्पताल हर जगह अफरा/तफरी का आलम है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल का 50 बेड वाला बाल रोग वार्ड फुल हो चुका है।
गंभीर मरीजों की संख्या बढ़ने से शुक्रवार को वार्ड में अफरा/तफरी बनी रही। ऐसे में आने वाले गंभीर मरीजों को भर्ती करने के लिए वार्ड में भर्ती रिकवर कर रहे बच्चों को डिस्चार्ज कर दिया गया।
अस्पताल की 21 बेड की इमरजेंसी भी फुल है। सिविल अस्पताल में 50 बेड के नए पीआईसीयू वार्ड में शुक्रवार को अफरा-तफरी का माहौल रहा।
दोपहर करीब बारह बजे अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञों की टीम ने वार्ड का दौरा कर उन मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया, जिनकी सेहत में सुधार दर्ज किया जा रहा था।
चिकित्सकों के मुताबिक अगर इन बच्चों को डिस्चार्ज नहीं किया जाएगा तो अस्पताल आने वाले गंभीर बच्चों को भर्ती करना मुश्किल हो जाएगा।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आशुतोष दुबे ने बताया की वार्ड में भर्ती सबसे अधिक मरीज डेंगू फीवर, दिमागी बुखार और उल्टी-दस्त से पीड़ित हैं।
उन्होंने बताया की गंभीर मरीजों को वार्ड में भर्ती करने के लिए उन मरीजों को डिस्चार्ज किया जा रहा है जिनकी हालत में सुधार दर्ज किया जा रहा है।
डेंगू के कई नए मरीज मिले
राजधानी में डेंगू के नए मरीजों के मिलने का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। अस्पतालों में भर्ती सबसे अधिक मरीज लखनऊ और आसपास के हैं। जबकि कुछ मरीज दूसरे जनपदों के भी हैं।
गोमती नगर स्थित सेंट जोसेफ अस्पताल में शुक्रवार को छह नए मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक सभी मरीजों की हालत ठीक है।
बलरामपुर अस्पताल के सीएमएस डॉ. यूएन राय ने बताया कि अस्पताल में तीन डेंगू पीड़ित मरीजों का इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया की तीनों मरीजों के खून के सैंपल स्टेट लैब भेजे गए थे जहां से आई रिपोर्ट में उनमें डेंगू की पुष्टि हुई है।