मलिहाबाद विकास खंड की ग्राम पंचायत भदेसरमऊ के प्रधान पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने ब्लॉक मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। पहुंचे सैकड़ों ग्रामीणों का कहना था कि प्रधान दिनेश यादव ने चुनावी रंजिश के चलते जियो टैगिंग होने के बाद करीब 44 पात्र लोगों के नाम प्रधानमंत्री आवास की पात्रता सूची से कटवा दिए हैं। ये ऐसे नाम है जो लोग तिरपाल, पन्नी डालकर अपना जीवनयापन कर रहे है।
बुधवार को ब्लॉक पहुंचे गांव के सन्तोष मौर्य, गोविंद, राधेलाल, तुलसी राम सहित सौ से अधिक ग्रामीणों का कहना था कि पंचायत में 60 से 70 परिवारों के पास आज भी शौचालय नहीं है। इसके बाद भी गांव को ओडीएफ घोषित कर दिया गया। जिन शौचालयों का निर्माण कराया गया है, उनमें किसी में छत नहीं है तो किसी में गड्डा ही नहीं खोदा गया है। 15 ऐसे ग्रामीण है जिनके शौचालय निर्माण के लिए पैसा आ चुका है मगर प्रधान व सचिव चेक देने के एवज में धन की मांग कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान सोनू, प्रदीप, कल्लू, आरती सहित करीब तीन दर्जन प्रवासी मजदूर गांव आए हैं। मगर सरकार के सख्त आदेश के बावजूद प्रधान व सचिव ने इन मजदूरों को न ही मनरेगा के तहत काम मुहैया कराया और न ही राशन या अन्य किसी प्रकार की कोई मदद की। ग्रामीण का आरोप है कि प्रधान और सचिव मिलकर सरकारी धन की बंदरबांट कर रहे हैं। इसकी जांच करायी जाए और दोषियों के पर कार्रवाई की जाए। खंड विकास अधिकारी संस्कृता मिश्रा ने प्रकरण की जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत कराया।
पांच घण्टे ब्लॉक के बाहर बैठे रहे ग्रामीण ऑफिस से नही निकली बीडीओ,विधायक नराज
अपनी समस्या लेकर भदेसरमऊ के सैकड़ो ग्रामीण ब्लॉक मुख्यालय पहुचे मगर उनकी समस्या सुनने वाला कोई नही था। ग्रामीण लगभग पांच घण्टे तक ब्लॉक के गेट पर बैठे रहे। मगर बीडीओ संस्कर्ता मिश्रा अपने ऑफिस से बाहर निकली। इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों की मीटिंग के सिलसिले में ब्लॉक पहुची विधायक जय देवी कौशल को ग्रामीणों ने अपनी समस्या बतायी और कहा कि लगभग पांच घण्टे से ब्लॉक के बाहर बैठे है मगर यहां उनकी समस्या सुनने वाला कोई नही है। जिसके बाद वह बीडीओ पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि आप इन्ही लोगो की समस्याओं के समाधान के लिए है। उसके बाद भी जनता के प्रति आप का यह रवैया ठीक नही है।