सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के कारण लोकतंत्र पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। कोरोना महामारी के दौर में अर्थव्यवस्था में भारी गिरावट आई है। किसान, नौजवान आत्महत्या कर रहे हैं। लोगों की नौकरियां छूट गई हैं। प्रदेश में अराजकता के हालात हैं।
अखिलेश यादव से शनिवार को पार्टी के युवा संगठनों के प्रदेश अध्यक्षों ने मुलाकात कर संगठनात्मक मुद्दों के साथ ही अन्य समस्याओं पर चर्चा की। बैठक में समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद गिरि, समाजवादी लोहिया वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामकरन निर्मल तथा यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष अनीस राजा शामिल थे। सपा के राष्ट्रीय सचिव राजेंद्र चौधरी व प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल भी उपस्थित रहे।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में लूट, हत्या, अपहरण और बलात्कार की घटनाएं थम नहीं रही हैं। भाजपा सरकार ‘एक जिला, एक उत्पाद’ को बढ़ावा देने की बात कहती है लेकिन हकीकत में ‘हर जिला, जमकर अपराध’ का उसने नया मॉडल लॉन्च कर दिया है।
शिक्षा, शिक्षकों व छात्रों के प्रति अमानवीय दृष्टिकोण
सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार का शिक्षा, शिक्षकों और शिक्षार्थियों के प्रति दृष्टिकोण अमानवीय है। विरोध के बावजूद जेईई व नीट की परीक्षाएं कराने पर आमादा सरकार को बताना चाहिए कि परीक्षा के बाद कब चयन प्रक्रिया पूरी होगी, कब से कक्षाएं शुरू होंगी? उन्होंने राजभवन पर पार्टी के युवा संगठनों के प्रदर्शन पर पुलिस लाठीचार्ज की निंदा की।
मकानों, इमारतों को गिराना भाजपा को पड़ेगा भारी
अखिलेश यादव ने कहा कि पूर्व मंत्री व सांसद आजम खां, उनकी संपत्ति व मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के प्रति भाजपा सरकार जो रवैया अपना रही है, वह उसकी द्वेषपूर्ण राजनीति को उजागर करता है। प्रदेश में जनता बेहाल है। उसकी समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की जा रही है। चुन-चुनकर बहुत पहले से निर्मित इमारतों को ध्वस्त किया गया है। यह भूल भाजपा को बहुत महंगी पड़ेगी।
सपा में गलत आदमी के लिए जगह नहीं
अखिलेश ने कहा कि सपा में गलत आदमी के लिए कोई स्थान नहीं हो सकता है। पार्टी में निष्ठावान कार्यकर्ता को अवसर और सम्मान मिलेगा। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे बाइस में बाइसिकल का लक्ष्य बनाकर अभी से बूथ स्तर तक जुट जाएं।