लखनऊ। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल लखनऊ इकाई के अध्यक्ष अमरनाथ अग्रवाल के नेतृत्व में व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन पी गुरुप्रसाद से मिला और पुराने शहरी मोहल्ले में मानचित्र स्वीकृत न होने से आ रही समस्याएं बताईं। मानकों में पुनरीक्षण व परिवर्तन करने की मांग भी की।
शास्त्री भवन में मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने प्रमुख सचिव को बताया कि नगरीय नियोजन एवं विकास अधिनियम वर्ष 1973 में लाया गया था, लेकिन इस अधिनियम के पहले भी प्रदेश के सभी शहरों में शहरी इलाके बस चुके थे। पुराने शहरी इलाकों के भवन वर्षों पुराने होने के कारण काफी जर्जर हो गए हैं। इनका निर्माण करने में प्राधिकरण नौ मीटर सड़क का स्वीकृत मानचित्र मांगता है, जबकि पुरानी बसावट के शहरी मोहल्लों में सड़क दो-तीन मीटर है, जिससे मानचित्र स्वीकृत नहीं हो पाता।
इस दौरान वरिष्ठ उपाध्यक्ष अरविंद अग्रवाल, महामंत्री योगेंद्र सिंह, गोपाल अग्रवाल, युवा अध्यक्ष संजय जायसवाल आदि मौजूद रहे।