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यूपी कैबिनेट : दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस प्रोजेक्ट पूरा करने का रास्ता साफ

Thu, 16 Dec 2021 01:58 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

एक रुपये में 99 साल के लीज पर होगी जमीन की व्यवस्था। कैबिनेट बाई सर्कुलेशन दी गई आवास विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी।
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विस्तार
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गाजियाबाद होते हुए दिल्ली से मेरठ के बीच निर्माणाधीन रीजनल रैपिड ट्रांजिस सिस्टम (आरआरटीएस) प्रोजेक्ट को पूरा करने में आड़े आ रही जमीन की दिक्कत को सरकार ने दूर कर दिया है। सरकार ने तय किया है कि इस परियोजना की परिधि में आने वाले विभिन्न विभागों की जमीन को एक रुपये में 99 साल के लीज पर लिया जाएगा। सरकार के इस फैसले से इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का रास्ता साफ हो गया है। इससे संबंधित आवास विभाग के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन मंजूरी दे दी है।

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प्रस्ताव के मुताबिक परियोजना के लिए सरकारी विभागों के स्वामित्व वाली भूमि आवास विभाग को संबंधित विभागों से लेकर मुफ्त में दिया जाएगा। आवास विभाग इन जमीनों को आरआरटीएस परियोजना के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम को एक रुपये वार्षिक दर से 99 साल के लिए पट्टे पर उपलब्ध कराएगा। सरकारी एजेंसियों, अर्द्धसरकारी एजेंसियों, निगमों व प्राधिकरण और ग्राम समाज के स्वामित्व की भूमियां जो परियोजना के लिए चिह्नित की जाएंगी।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में आने वाले मेरठ से दिल्ली के बीच लोगों को त्वरित यातायात सुविधा मुहैया कराने के लिए रैपिड रेल सेवा का संचालन किया जाना है। इसके लिए केन्द्र, दिल्ली और राज्य सरकार ने 30274 करोड़ रुपये की लागत से इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू कराया है। इसमें केंद्र सरकार को 5872 करोड़, यूपी सरकार 6048 करोड़ रुपये और दिल्ली सरकार को 1180 करोड़ खर्च करना है। शेष धनराशि में से 16904 करोड़  ऋण और 270 करोड़ की व्यवस्था पीपीपी माडल से होनी है।
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परियोजना में यूपी सरकार के लिए अनुमानित कुल अंश का 6048 करोड़ में से 4726 करोड़ वित्तीय सहायताएं, 923 करोड़ स्टेट जीएसटी छूट और 399 करोड़ सरकार की भूमि के रूप में दिया जाना है। साहिबाबाद से दुहाई तक का प्राथमिक खंड मार्च 2023 में चालू करने का लक्ष्य है और पूरी परियोजना 2025 तक पूरी होगी।
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