दूसरी ओर मोहम्मद मुस्लिम का दावा था कि हाजी मुराद अली उनके परनाना थे। इसी वजह से वे यह नाम उपयोग कर रहे हैं। हाजी मुराद के कोई संतान नहीं थी, इसलिए उन्होंने अपने अपने भाई की बेटी को गोद लिया था। इस बेटी का विवाह मोहम्मद हनीफ से हुआ जो मोहम्मद मुस्लिम के पिता थे।
निर्णय : दावा साबित नहीं कर पाए मोहम्मद मुस्लिम
सभी पक्षों और साक्ष्यों के आधार पर हाईकोर्ट ने कहा कि मोहम्मद मुस्लिम के पक्ष को साबित करने के लिए कोई साक्ष्य नहीं हैं। उनका टुंडे कबाब या टुंडे कबाबी नाम पर क्या अधिकार है, यह वे साबित नहीं कर पाए हैं।
वे जो ट्रेड मार्क उपयोग कर रहे हैं, वह मोहम्मद उस्मान द्वारा उपयोग किए जा रहे ट्रेड मार्क से मिलता जुलता है। ऐसे में इसे कानून का उल्लंघन करार दिया जाता है। उनके पास इसे उपयोग करने का अधिकार नहीं है। मोहम्मद उस्मान की याचिका स्वीकारी जाती है।